हाथी दिवस पर हाथियों की खुशहाली के लिए हो रहे थे भजन-कीर्तन, तभी अचानक प्रकट हुए गजानन
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इसे संयोग ही कहा जा सकता है कि हाथी दिवस पर हाथियों की खुशहाली के लिए भजन-कीर्तन कर रही महिलाओं के सामने अचानक हाथी आ धमका। हाथी को देख महिलाएं घबरा गई, और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। महिलाओं ने कुछ देर के लिए कीर्तन बंद कर दिया, जिसके बाद हाथी गांव की ओर चला गया।
नमामि गंगे जिला क्रियान्वयन समिति के सदस्य विनोद जुगलान ने बताया कि हाथी दिवस पर ग्राम सभा खदरी खड़कमाफ स्थित विष्णु विहार कॉलोनी के शिव मंदिर में महिलाओं की ओर से भजन कीर्तन का आयोजन किया गया था। देर रात्रि अचानक हाथी के धमकने से अफरा तफरी की स्थिति पैदा हो गई।
इस दौरान महिलाओं को कहीं भागने का रास्ता नहीं मिला। कुछ क्षण के लिए कीर्तन रुका तो हाथी गांव में प्रवेश कर गया। गनीमत यह रही कि हाथी ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। ये नजारा देखते ही जो जहां था वहीं ठिठक कर रहा गया। लोग सन्नाटा खींचे अपनी-अपनी जगह पर बैठे रहे। कुछ देर बाद शोर मचाकर गजराज को जंगल की ओर दोबारा रुख करने पर मजबूर किया गया।
उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि जंगली हाथियों को गांव में प्रवेश करने से रोकने के लिए खदरी गांव की सीमा पर खाई खुदान की जाए। आधी रात को हाथी के गांव मे घुस आने के दौरान मंदिर पुजारी सोहन लाल, राय सिंह, मान सिंह, राम प्रसाद, कुंदन सिंह, गणेश सिंह, केशव, गोपाल, सत्य प्रकाश, मदन सिंह, बलबीर सिंह, लीलावती देवी, रजनी पटवाल, विरोजनी देवी, नंदी देवी, रामेश्वरी देवी, पीतांबरी देवी आदि हाथी को भगाने में मदद की।