Uttarakhand: बिजली बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार नहीं कर पाया यूपीसीएल, आयोग को पत्र भेजकर मांगा एक माह का समय
निगम को आगामी वर्ष के लिए टैरिफ का प्रस्ताव 30 नवंबर तक नियामक आयोग के सामने पेश करना होता है। इसकी प्राथमिक जांच के बाद आयोग बाकी जानकारी मांगता है। इसके बाद इसे सार्वजनिक करते हुए आयोग जनसुनवाई करता है।
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नए साल के लिए बिजली बढ़ोतरी का प्रस्ताव यूपीसीएल निर्धारित समय में तैयार नहीं कर पाया है। अब निगम ने नियामक आयोग से एक माह का समय मांगा है। इससे आगामी वर्ष नई दरें लागू होने में कुछ देरी भी हो सकती है।
दरअसल, निगम को आगामी वर्ष के लिए टैरिफ का प्रस्ताव 30 नवंबर तक नियामक आयोग के सामने पेश करना होता है। इसकी प्राथमिक जांच के बाद आयोग बाकी जानकारी मांगता है। इसके बाद इसे सार्वजनिक करते हुए आयोग जनसुनवाई करता है। जनसुनवाई के बाद आयोग नया टैरिफ जारी करता है जो कि एक अप्रैल से लागू होता है।
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इस साल यूपीसीएल 30 नवंबर तक टैरिफ प्रस्ताव ही नहीं दे पाया। नियामक आयोग से एक माह का समय मांगा है ताकि टैरिफ जमा कराया जा सके। माना जा रहा है कि प्रस्ताव आने के बाद आगे की प्रक्रिया को लेकर समय लगने की वजह से एक अप्रैल से नई दरें लागू होने पर संशय हो गया है