फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Electricity rates in Uttarakhand Third consecutive big increase in electricity rates in 10 years

Uttarakhand: बिजली दरों में 10 साल में लगातार तीसरी बड़ी बढ़ोतरी, यहां देखें इससे पहले कब-कब कितनी दरें बढ़ीं

Sat, 27 Apr 2024 04:43 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 27 Apr 2024 04:43 PM IST
सार

प्रदेश में बिजली करीब सात फीसदी महंगी हो गई है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने नई दरें जारी कर दी हैं, जो एक अप्रैल से लागू होंगी।

विज्ञापन
Electricity rates in Uttarakhand Third consecutive big increase in electricity rates in 10 years
electricity - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में पिछले 10 साल में इस साल बिजली दरों में लगातार तीसरी बड़ी बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 2015 में सात प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई थी। वहीं, 2009 में सर्वाधिक 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई थी।

विज्ञापन

किस वर्ष कितने प्रतिशत महंगी हुई बिजली

वर्ष    प्रतिशत बढ़ोतरी
2009-10 17
2010-11   10
2013-14 5
2014-15 00
2015-16  7.30

2016-  17
5.10
2017-18    5.80
2018-19   2.60
2019- 20 3.50
2020-21 4.50
2021-22  4.30
2022-23 2.68
2023-24  9.64
2024-25  6.92

ये भी पढ़ें...Robert Vadra:  देश की पुकार है कि मैं सक्रिय राजनीति में आऊं...अमेठी से चुनाव लड़ने पर रॉबर्ट वाड्रा का जवाब

विज्ञापन

यूजेवीएनएल की बिजली भी सात फीसदी महंगी

उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) जो बिजली यूपीसीएल को देता है, उसके दामों में भी 7.14 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यूजेवीएनएल ने 24.84 प्रतिशत की मांग रखी थी। नियामक आयोग के अध्यक्ष एमएल प्रसाद के मुताबिक, नौ बड़े विद्युत गृहों छिबरो, खोदरी, ढकरानी, ढालीपुर, कुल्हाल, चीला, रामगंगा, खटीमा, मनेरी भाली-1 के लिए यूजेवीएनएल ने वार्षिक स्थिर प्रभार 672.85 करोड़ मांगा था, जिसके सापेक्ष नियामक आयोग ने 576.63 करोड़ दिए। मनेरी भाली-2 के लिए यूजेवीएनएल ने 240.26 करोड़ की मांग की थी, जिसके सापेक्ष 207.05 करोड़ मिले। कुल मिलाकर यूजेवीएनएल की 24.84 प्रतिशत की मांग के सापेक्ष 7.14 प्रतिशत बढ़ोतरी को ही मंजूरी मिली है। वहीं, यूपीसीएल को इस वित्तीय वर्ष में यूजेवीएनएल के 126.14 करोड़ लौटाने को भी कहा गया है। वह 12 समान किस्तों में लौटा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पिटकुल ने मांगा 607, मिले 364 करोड़ रुपये

पावर ट्रांसमिशन कारपोरेशन ऑफ उत्तराखंड लिमिटेड (पिटकुल) ने इस वित्तीय वर्ष में वार्षिक पारेषण प्रभार के लिए कुल 607.24 करोड़ रुपये की मांग रखी थी, जिसके सापेक्ष आयोग ने 364.37 को मंजूरी दी है। कुल मांग 71.43 प्रतिशत बढ़ोतरी के सापेक्ष 2.86 प्रतिशत की बढ़ोतरी को ही आयोग ने मंजूरी दी है। वहीं, पिटकुल ने पारेषण प्रभार के अतिरिक्त 300 करोड़ 42 लाख रुपये की प्रारंभिक इक्विटी के लिए लाभांश व वित्तयी वर्ष 2024-25 के लिए 573.21 करोड़ की मांग शासन को पावर डेवलपमेंट फंड अंशदान के रूप में इक्विटी के तौर पर मांगी थी, जिसे नियामक आयोग ने नकार दिया है।



 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed