{"_id":"5d5afc3f8ebc3e899f5dc364","slug":"electricity-production-not-started-even-after-36-hours-vikas-nagar-news-drn3168528121","type":"story","status":"publish","title_hn":"36 घंटे बाद भी शरू नहीं हुआ बिजली उत्पादन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
36 घंटे बाद भी शरू नहीं हुआ बिजली उत्पादन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पछवादून के चार बड़ी जल विद्युत परियोजनाओं में 36 घंटे बाद भी बिजली उत्पादन शुरू नहीं हो सका है। लगातार डाकपत्थर बैराज से फ्लड को पास किया जा रहा है, जिससे सभी पावर हाउसों में फिर से बिजली उत्पादन सुचारु हो सके।
मालूम हो कि बीते रविवार सुबह पांच बजे यमुना और टौंस नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने से 240 मेगावाट के छिबरो, 129 मेगावाट के खोदरी, 33.75 मेगावाट के ढकरानी और 51 मेगावाट के ढालीपुर पावर हाउस में बिजली उत्पादन ठप हो गया था। सोमवार शाम छह बजे तक भी नदी में भारी मात्रा में सिल्ट और गाद आ रही थी। इस कारण डाकपत्थर बैराज से फ्लड को पास करने का काम लगातार जारी है। शाम छह बजे तक 50 हजार क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा जा रहा था। इससे पहले बीते रविवार को 2.55 लाख क्यूसेक पानी हथिनीकुंड बैराज के लिए छोड़ा गया था। अनुमान लगाया जा रहा है कि सोमवार रात 10 बजे तक नदी में पानी का जल स्तर खासा कम हो जाएगा। इसके बाद चारों जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन पूर्व की भांति शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
मालूम हो कि बीते रविवार सुबह पांच बजे यमुना और टौंस नदी में सिल्ट की मात्रा बढ़ने से 240 मेगावाट के छिबरो, 129 मेगावाट के खोदरी, 33.75 मेगावाट के ढकरानी और 51 मेगावाट के ढालीपुर पावर हाउस में बिजली उत्पादन ठप हो गया था। सोमवार शाम छह बजे तक भी नदी में भारी मात्रा में सिल्ट और गाद आ रही थी। इस कारण डाकपत्थर बैराज से फ्लड को पास करने का काम लगातार जारी है। शाम छह बजे तक 50 हजार क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा जा रहा था। इससे पहले बीते रविवार को 2.55 लाख क्यूसेक पानी हथिनीकुंड बैराज के लिए छोड़ा गया था। अनुमान लगाया जा रहा है कि सोमवार रात 10 बजे तक नदी में पानी का जल स्तर खासा कम हो जाएगा। इसके बाद चारों जल विद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन पूर्व की भांति शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन