Electricity Bill: 139 करोड़ के बिजली बिल दबाए बैठे उत्तराखंड में सरकारी विभाग, भुगतान को दो दिन का अल्टीमेटम
मुख्य सचिव ने 20 मार्च तक सभी विभागों को बिजली बिल जमा करने के आदेश दिए है।सरकारी विभाग 139 करोड़ के बिजली बिल दबाए बैठे हैं।
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उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) का 139 करोड़ 88 लाख रुपये का बिजली बिल सरकारी विभाग दबाए बैठे हैं। अब मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व सचिवों को बकाया भुगतान 20 मार्च तक कराने के आदेश दिए हैं।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की ओर से जारी पत्र में कहा गया, चूंकि केंद्र सरकार विद्युत वितरण क्षेत्र में सुधार को आरडीएसएस योजना चला रही है। जिसके तहत यूपीसीएल को सुधारीकरण का अनुदान मिलेगा। अनुदान की एक शर्त ये भी है कि इसके लिए सभी सरकारी विभागों का बकाया बिजली बिल जमा होना चाहिए। लिहाजा, उन्होंने सभी विभागों को तत्काल पैसा जमा कराने को कहा है। 20 मार्च तक इसकी सूचना भी उपलब्ध कराने को कहा गया है।
आरडीएसएस से यूपीसीएल को मिलने हैं 2,600 करोड़
संशोधित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के तहत यूपीसीएल को 2,600 करोड़ मिलेंगे। इस रकम से यूपीसीएल का आपूर्ति इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। बिजली चोरी रुकेगी। बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। योजना में बिजली चोरी और लाइन लॉस रोकने के लिए एबी केबिल बिछाई जाएंगी। इसके अलावा सभी स्टेशन की क्षमता को भी बढ़ाने का काम किया जाएगा।
सरकारी विभागों पर बकाया
अल्मोड़ा-6.69 करोड़ रुपये
बागेश्वर-1.02 करोड़ रुपये
चमोली-2.39 करोड़ रुपये
चंपावत-1.14 करोड़ रुपये
देहरादून-11.97 करोड़ रुपये
हरिद्वार-61.83 करोड़ रुपये
नैनीताल-13.42 करोड़ रुपये
पौड़ी-1.55 करोड़ रुपये
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पिथौरागढ़-3.40 करोड़ रुपये
रुद्रप्रयाग-1.15 करोड़ रुपये
टिहरी-5.45 करोड़ रुपये
ऊधमसिंह नगर-25.37 करोड़ रुपये
उत्तरकाशी-4.44 करोड़ रुपये