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Dehradun News: सहसपुर प्रधान के विरुद्ध दायर चुनाव याचिका खारिज
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अपर जिला न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने सहसपुर ग्रामसभा के पूर्व प्रधान अनीस अहमद के खिलाफ एसडीएम कोर्ट के आदेश और चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जीत हासिल करके सहसपुर ग्रामसभा के प्रधान बने अनीस अहमद के विरुद्ध समीर अहमद नामक व्यक्ति ने उप जिलाधिकारी, विधिक प्राधिकारी की अदालत में याचिका दायर की थी। इसमें प्रधान के हाईस्कूल प्रमाणपत्र पर आपत्ति जताई गई थी। उप जिलाधिकारी, विधिक प्राधिकारी अदालत ने याचिकाकर्ता की याचिका को स्वीकार करते हुए प्रधान के विरुद्ध आदेश पारित किया था। इसके बाद अनीस अहमद ने अपर जिला न्यायाधीश विकासनगर की अदालत में याचिका दाखिल की थी। बृहस्पतिवार को अपर जिला न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए उप जिलाधिकारी, विधिक प्राधिकारी के आदेश व चुनाव याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संदीप कुमार बर्तवाल ने बताया कि अनीस अहमद के विरुद्ध चुनाव याचिका को विहित प्राधिकारी ने निर्धारित समयावधि 90 दिन पूरे हो जाने के 55 दिन बाद स्वीकार किया गया था।
145 दिन के बाद याचिका को स्वीकार करना व उस पर सुनवाई करना विधिक संगत नहीं था। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने आदेश व याचिका को विधिक रूप से अवैध मानते हुए खारिज कर दिया है। उधर, पूर्व ग्राम प्रधान अनीस अहमद ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए बताया कि चुनाव याचिक राजनीति प्रतिद्वंदता और द्वेष की भावना से की गई थी। इसके कारण गांव के विकास में भी बाधा आई है।
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याचिकाकर्ता के अधिवक्ता से मिली जानकारी के अनुसार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जीत हासिल करके सहसपुर ग्रामसभा के प्रधान बने अनीस अहमद के विरुद्ध समीर अहमद नामक व्यक्ति ने उप जिलाधिकारी, विधिक प्राधिकारी की अदालत में याचिका दायर की थी। इसमें प्रधान के हाईस्कूल प्रमाणपत्र पर आपत्ति जताई गई थी। उप जिलाधिकारी, विधिक प्राधिकारी अदालत ने याचिकाकर्ता की याचिका को स्वीकार करते हुए प्रधान के विरुद्ध आदेश पारित किया था। इसके बाद अनीस अहमद ने अपर जिला न्यायाधीश विकासनगर की अदालत में याचिका दाखिल की थी। बृहस्पतिवार को अपर जिला न्यायाधीश नंदन सिंह की अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए उप जिलाधिकारी, विधिक प्राधिकारी के आदेश व चुनाव याचिका को खारिज कर दिया। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संदीप कुमार बर्तवाल ने बताया कि अनीस अहमद के विरुद्ध चुनाव याचिका को विहित प्राधिकारी ने निर्धारित समयावधि 90 दिन पूरे हो जाने के 55 दिन बाद स्वीकार किया गया था।
145 दिन के बाद याचिका को स्वीकार करना व उस पर सुनवाई करना विधिक संगत नहीं था। उन्होंने बताया कि न्यायालय ने आदेश व याचिका को विधिक रूप से अवैध मानते हुए खारिज कर दिया है। उधर, पूर्व ग्राम प्रधान अनीस अहमद ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए बताया कि चुनाव याचिक राजनीति प्रतिद्वंदता और द्वेष की भावना से की गई थी। इसके कारण गांव के विकास में भी बाधा आई है।
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