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उत्तराखंड : रोजगार पर सियासत गरम, सभी विपक्षी दल हमलावर, 2022 में घमासान छिड़ना तय

Tue, 20 Oct 2020 01:55 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 20 Oct 2020 01:55 PM IST
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election 2022: in 2022 Uttarakhand Politics hot on employment
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला (File Photo)

खेती किसानी के साथ रोजगार दूसरा ऐसा मुद्दा है जिस पर उत्तराखंड की सियासत गरमा रही है। कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दल प्रदेश की भाजपा सरकार पर हमलावर है। सरकार के बचाव में भाजपा भी लगातार पलटवार कर रही है। दोनों ओर से आंकड़ों की जंग छिड़ी है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी जिन मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं, उनमें बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। 

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उत्तराखंड की सियासत में पिछले कुछ महीनों से सक्रिय आम आदमी पार्टी एक एजेंसी के आंकड़ों के जरिये सरकार पर निशाना साध रही है। आप का कहना है कि एजेंसी के सर्वे के हिसाब से राज्य में बेरोजगारी की दर 24 फीसदी के आसपास है। लेकिन सरकार बेरोजगारी के सही आंकड़ों को छुपा रही है। कांग्रेस भी बेरोजगारी को विधानसभा चुनाव के प्रमुख मुद्दे के तौर पर मान रही है।
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पूरे प्रदेश में उसने जो अभियान छेड़ा है, उसमें बेरोजगारी सबसे प्रमुख मुद्दा है। उसका आरोप है कि आंकड़ों के जरिये रोजगार की जो तस्वीर दिखाई जा रही है वह झूठी है। हालांकि भाजपा कांग्रेस और व अन्य विपक्षी दलों के आरोपों को बेदम करार दे रही है। कुल मिलाकर बेरोजगारी के मुद्दे पर आने वाले समय सियासत और गरमाने के आसार हैं। विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा प्रमुखता से गरमाने वाला है।

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बेरोजगारी एक प्रमुख मुद्दा

राज्य में बेरोजगारी एक प्रमुख मुद्दा है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अभियान चला रही है। पार्टी विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी को प्रमुख मुद्दा बनाएगी।
- हरीश रावत, पूर्व मुख्यमंत्री

हमने कांग्रेस को चुनौती दी कि वह आंकड़ों के साथ सामने आए। हमारे पास पूर्व कांग्रेस सरकार और वर्तमान सरकार में दिए गए सरकारी रोजगार के तुलनात्मक आंकड़े हैं। ये आंकड़े हमने पेश किए। कांग्रेस में दम है तो वह भी आंकड़ों के साथ सामने आए।
- डॉ.देवेंद्र भसीन, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाजपा

सरकार के रोजगार के आंकड़ों की पोल खुल चुकी है। एक रिपोर्ट के आंकड़े बता रहे हैं कि उत्तराखंड में बेरोजगारी दर सबसे अधिक है। इसने सरकार के जुमलों की पोल खोल दी है।
- एसएस कलेर, प्रदेश अध्यक्ष आम आदमी पार्टी

विपक्ष के आरोप

- राज्य में बेरोजगारी की दर बढ़ी 
- कोरोनाकाल में लोगों की नौकरियां गईं
- सरकारी क्षेत्र में भर्ती प्रक्रिया धीमी है
- सरकार का आंकड़ा जुमलेबाजी है

भाजपा का जवाब

- 2017-20 के दौरान अलग-अलग सेक्टर में 7.12 लाख को रोजगार
- इस अवधि 16 हजार सरकारी क्षेत्र में नियमित रोजगार
- 1.15 लाख को अनुबंध और आउटसोर्स पर नौकरी
- 5.80 लाख स्वरोजगार व निवेश आधारित रोजगार

कांग्रेस को चुनौती

रोजगार के मुद्दे पर भाजपा कांग्रेस को चुनौती दे रही है कि वह दोनों सरकारों के कार्यकाल के तुलनात्मक आंकड़े प्रस्तु करे। भाजपा का दावा है कि 2014-2017 तक प्रदेश में केवल आठ भर्ती परीक्षाएं हुईं और 801 का ही चयन हो पाया। जबकि 2017-2020 में भाजपा सरकार में 50 परीक्षाएं हुईं और 6000 से अधिक लोगों को सरकारी नौकरी मिली। पार्टी का यह भी दावा है कि 7200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। 40 हजार लोगों को कैंपा के तहत रोजगार देने की तैयारी चल रही है।

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