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रक्षाबंधन 2021: घर में शादी छोड़कर राखी बंधवाने दिल्ली से दून पहुंचा बुजुर्ग भाई

Mon, 23 Aug 2021 09:01 AM IST
देहरादून ब्यूरो न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यजू डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: देहरादून ब्यूरो Updated Mon, 23 Aug 2021 09:01 AM IST
सार

इंजीनियर्स एन्क्लेव निवासी 71 वर्षीय मंजरी की खुशी का तब ठिकाना नहीं रहा, जब उनके 65 वर्षीय भाई योगेंद्र सक्सेना राखी बंधवाने पहुंचे।

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Elderly brother reached Doon from Delhi to tie Rakhi, leaving the preparations for daughter's wedding
योगेंद्र सक्सेना - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

71 वर्षीय मंजरी सक्सेना व 65 वर्षीय योगेंद्र सक्सेना दोनों भाई-बहन रहते भले ही अलग शहरों में हों, लेकिन रक्षाबंधन के दिन मिलना तय होता था। बीते दो साल में कोरोना के कारण दोनों भाई-बहनों को रक्षाबंधन पर दूर रहना पड़ा।

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इस बार स्थिति कुछ हद तक तो सामान्य हैं, लेकिन स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण मंजरी का भाई के पास दिल्ली जाना मुमकिन नहीं था। उधर, भाई के घर में अगले महीने बेटी की शादी की तैयारियों के कारण उनका राखी बंधवाने आना नहीं हो रहा था, लेकिन यह भाई-बहनों का यह अटूट प्यार ही था कि योगेंद्र समय निकालकर राखी बंधवाने पहुंच गए।
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इंजीनियर्स एन्क्लेव निवासी 71 वर्षीय मंजरी की खुशी का तब ठिकाना नहीं रहा, जब उनके 65 वर्षीय भाई योगेंद्र सक्सेना राखी बंधवाने पहुंचे। दरअसल, बीते दो वर्ष से रक्षाबंधन पर साथ नहीं होने का दोनों भाई-बहनों का मलाल था। इस बार मिलना संभव नहीं हो रहा था। बावजूद इसके समय निकालकर योगेंद्र रविवार सुबह 11.30 बजे बहन से राखी बंधवाने पहुंच गए।

अपनी कलाई में राखी बंधी देख योगेंद्र हुए भावुक

भाई को सामने देख बहन मंजरी भावुक हो गई थीं। वहीं भाई की आंखों में बहन से मिलने की चमक। मंजरी ने भाई की आरती उतारकर राखी बांधी। दो साल बाद बहन के हाथों से अपनी कलाई में राखी बंधी देख योगेंद्र भावुक थे। इसके बाद दोनों भाई-बहनों ने अपने बचपन के दिनों को याद किया। दोनों ने खूब हंसी के ठहाके लगाए। कुछ घंटे रुकने के बाद योगेंद्र दिल्ली के लिए लौट गए।

उमा ने फौजी भाइयों को भेजीं राखियां
उत्तरांचल महिला एसोसिएशन (उमा) ने सीमा पर डटे फौजी भाइयों को अपने हाथों से बनाई गईं राखियां भेजीं। उमा 20 वर्षों से प्रत्येक रक्षाबंधन पर सीमाओं की रक्षा करने वाले अपने फौजी भाइयों को राखियां व कार्ड भेजती है।

उमा की अध्यक्ष साधना शर्मा ने बताया कि इस वर्ष फौजी, जवानों के साथ ही कोरोना वॉरियर्स व कोरोना वैक्सीन तैयार करने वाले वैज्ञानिकों को भी रक्षासूत्र भेजा गया। इस दौरान नीलिमा गर्ग, कल्पना जोशी, रचना पंचपाल, सोनिया श्रीवास्तव, रीना आनंद, विजय बिष्ट, सुरभि राजवंशी, अर्चना सिंहल, प्रभा सलूजा, मेनका बहल, पुष्पा भल्ला आदि मौजूद रहीं।

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