फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Ek Yudh Patakhon ke Virudh: FireCrackers dissolve poison in Dehradun air every year

एक युद्ध- पटाखों के विरुद्ध: हर साल दून की फिजाओं में जहर घोलते हैं पटाखे

Thu, 29 Oct 2020 11:02 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 29 Oct 2020 11:02 AM IST
सार

  • पिछले साल भी दिवाली पर वायु प्रदूषण का स्तर हो गया था दोगुना

विज्ञापन
Ek Yudh Patakhon ke Virudh: FireCrackers dissolve poison in Dehradun air every year
पटाखा - फोटो : pixabay

विस्तार

खुशियां लेकर आने वाली दिवाली के उल्लास के बीच पटाखों का शोर और धुआं हर साल देहरादून की फिजाओं में जहर घोल जाता है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस साल भी दिवाली पर प्रदूषण पर नजर रखने के लिए तैयारी पूरी कर ली है, लेकिन क्या आप भी तैयार हैं दून की फिजाओं को महफूज रखने के लिए। तो आइए...इस साल दिवाली पर खुशियों के दीये जलाएं, पटाखों से दूरी बनाएं।

विज्ञापन


पिछले साल दिवाली पर राजधानी के विभिन्न इलाकों में हुई जबरदस्त आतिशबाजी से प्रदूषण का स्तर सामान्य की तुलना में दोगुना से अधिक पाया गया था। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के विशेषज्ञों के मुताबिक दिवाली पर प्रदूषण की मानीटरिंग के लिए शहर में तीन जगह नेहरू कालोनी, दून अस्पताल, रायपुर और ऋषिकेश के ढालूवाला में अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से मॉनिटरिंग की गई थी। दून अस्पताल और इसके आसपास के इलाकों में सबसे अधिक प्रदूषण पाया गया था।
विज्ञापन


जबकि नेहरू कालोनी में प्रदूषण का स्तर सबसे कम पाया गया। नेहरू कालोनी में दिवाली की शाम को पीएम (पार्टिकुलेट मैटर)-10 (धूल के कण) का स्तर 166 माइक्रोग्राम प्रति नार्मल क्यूबिक मीटर पहुंच गया था। जबकि दून अस्पताल के आसपास यह स्तर 385, रायपुर में 249 और ढालूवाला (ऋषिकेश) में 283 माइक्रोग्राम प्रति नार्मल क्यूबिक मीटर प्रदूषण का स्तर पाया गया था। प्रदूषण मानकों के मुताबिक सामान्य स्थितियों में इसकी मात्रा 100 माइक्रोग्राम प्रति नार्मल क्यूबिक मीटर होनी चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


धूल के कणों में भी हुआ था इजाफा
जहां तक पीएम-2.5 (धूल के कण) का सवाल है तो नेहरू कालोनी में यह मात्र 72 माइक्रोग्राम प्रति नार्मल क्यूबिक मीटर, दून अस्पताल के पास 184, रायपुर में 151 और ढालूवाला में यह मात्रा 152 माइक्रोग्राम प्रति नार्मल क्यूबिक मीटर मापी गई थी। जबकि सामान्य स्थितियों में यह 60 माइक्रोग्राम प्रति नार्मल क्यूबिक मीटर होना चाहिए। वहीं, सल्फर-डाई-आक्साइड (एसओ-2) की मात्रा भी नेहरू कालोनी में 34 माइक्रोग्राम प्रति नार्मल क्यूबिक मीटर, दून अस्पताल के पास 36.3, रायपुर में 31.6 और ढालूवाला में इसकी मात्रा 43.5 माइक्रोग्राम प्रति नार्मल क्यूबिक मीटर मापी गई थी।


आओ मिलकर करें अपील
अगर आप भी दिवाली पर पटाखे न जलाने के हिमायती हैं तो आप भी सबसे अपील करें। हो सकता है कि आपकी अपील पर्यावरण बचाने में मील का पत्थर साबित हो जाए। अपनी अपील हमें मोबाइल नंबर 7617566171 पर वॉट्स एप कर सकते हैं। चुनिंदा अपील को अमर उजाला अभियान का हिस्सा बनाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed