फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   eight officers arrested for 300 crore nh 74 scam in uttarakhand

उत्तराखंड: 300 करोड़ के घोटाले में SDM समेत आठ लोग गिरफ्तार, जानिए क्या था पूरा मामला

Tue, 07 Nov 2017 02:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रुदपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, रुदपुर Updated Tue, 07 Nov 2017 02:02 AM IST
विज्ञापन
eight officers arrested for 300 crore nh 74 scam in uttarakhand

एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने जसपुर और काशीपुर तहसीलों की जांच के बाद जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर एसडीएम, दो तहसीलदारों और पांच अन्य को रविवार रात गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन


इनमें दो काश्तकार, एक संग्रह अमीन, तहसील का अनुसेवक और एक स्टांप वेंडर शामिल है। कोर्ट में पेशी के बाद सभी को जेल भेज दिया है। घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह और अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें विभिन्न क्षेत्रों में दबिश दे रही हैं।
विज्ञापन


एसआईटी ने रविवार रात निलंबित चल रहे एसडीएम भगत सिंह फोनिया पुत्र पान सिंह निवासी देहरादून, निलंबित संग्रह अमीन अनिल कुमार पुत्र मुनीम सिंह निवासी जसपुर, तत्कालीन प्रभारी तहसीलदार काशीपुर मदन मोहन पडलिया पुत्र कृष्ण पडलिया निवासी हल्द्वानी, सेवानिवृत्त प्रभारी तहसीलदार भोलेलाल पुत्र स्व. मल्लू लाल निवासी किच्छा, अनुसेवक जसपुर तहसील रामसमुझ पुत्र दूधनाथ निवासी रुद्रपुर,
विज्ञापन
विज्ञापन


स्टांप वेंडर जीशान पुत्र जलाल अहमद निवासी काशीपुर, काश्तकार ओम प्रकाश पुत्र चौधरी राम निवासी गढ़ीहुसैन जसपुर और काश्तकार चरन सिंह पुत्र खान चंद निवासी जसपुर को गिरफ्तार कर सोमवार को रुद्रपुर न्यायालय में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवाकांत द्विवेदी की कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इसके साथ ही घोटाले के मुख्य आरोपी डीपी सिंह और अन्य लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही हैं।

क्या था मामला

eight officers arrested for 300 crore nh 74 scam in uttarakhand

क्या था मामला
तत्कालीन कुमाऊं आयुक्त डी सेंथिल पांडियन ने एनएच-74 के भूमि मुआवजा वितरण में अनुमानित तीन सौ करोड़ से अधिक के घोटाले को उजागर किया था। इसके बाद अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व प्रताप शाह ने 10 मार्च 2017 को थाना पंतनगर में मुकदमा दर्ज करवाया था। घोटाले की जांच के लिए सीओ सिटी स्वतंत्र कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन हुआ। एसआईटी ने तहसीलवार जांच शुरू कर जसपुर और काशीपुर तहसील के राजस्व अधिकारियों, कर्मचारियों और काश्तकारों के बयान दर्ज किए। दोनों तहसीलों के कई संदिग्ध दस्तावेजों को जांच के लिए एफएसएल देहरादून भेजा। जांच आगे बढ़ने के साथ घोटाले के चार सौ करोड़ का आंकड़ा पार करने का अनुमान है।

ऐसे आगे बढ़ी जांच
घोटाले में लिप्त लोगों के खिलाफ साक्ष्य संकलन करने के लिए एसआईटी ने संदिग्ध काश्तकारों की बैंक डिटेल भी खंगाली। पूरी जांच प्रक्रिया में एसआईटी के सामने इस बात का खुलासा हुआ कि दोनों तहसीलों के राजस्व अधिकारियों-कर्मचारियों और काश्तकारों ने संगठित रूप से दस्तावेजों में हेरफेर कर बैक डेट में भूमि की 143 की। तत्कालीन एसएलओ डीपी सिंह और उनके कार्यालय के कर्मचारियों ने गलत रिपोर्ट प्रस्तुत कर करोड़ों रुपये का गलत मुआवजा वितरण कर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed