धर्मपुर के विधायक विनोद चमोली ने कहा कि लच्छीवाला टोल प्लाजा पर दूनवासियों को छूट दिलाने का प्रयास किया जाएगा। उत्तराखंड आंदोलन को कवर करने वाले पत्रकारों का भी चिह्नीकरण जरूरी है। इस मुद्दे को वह विधानसभा में उठाएंगे।
शुक्रवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब पहुंचे धर्मपुर विधायक विनोद चमोली ने कहा कि राज्य आंदोलन के चरम दौर (1994 से 1996) के बीच उत्तराखंड के भीतर आंदोलन कवर करने वाले पत्रकारों को भी आंदोलनकारियों के रूप में चिह्नित किया जाना चाहिए क्योंकि पत्रकारों ने आंदोलन को शिथिल नहीं पड़ने दिया। कई पत्रकारों ने लाठियां खाईं और पुलिस की यातनाएं तक सहीं। चमोली ने कहा कि वे इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं और भविष्य में विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाएंगे। विधायक ने कहा कि राज्य में भू-कानून के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा जरूरी है। क्योंकि, इसका प्रभाव मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में अलग-अलग पड़ेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार की सर्वाधिक संभावनाएं पर्यटन के क्षेत्र में हैं। इस पर खास जोर देना होगा। उन्होंने कहा कि रेस्ट कैंप रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है। प्रिंस चौक से आगे सड़क को चौड़ा करने का भी प्रस्ताव है। अध्यक्ष जितेंद्र अंथवाल, महामंत्री ओपी बेंजवाल, संयुक्त मंत्री दिनेश कुकरेती ने लच्छीवाला टोल प्लाजा पर छूट और राज्य आंदोलन को कवर करने वाले पत्रकारों को स्थायी मान्यता दिलवाने के लिए सरकार स्तर पर प्रयास करने का आग्रह किया। मा.सि.रि.