देहरादून गैंगरेप मामला: शिक्षा विभाग ने सीबीएसई से की बोर्डिंग स्कूल की एनओसी निरस्त करने की सिफारिश
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बोर्डिंग स्कूल में छात्रा से गैंगरेप की घटना सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने संबंधित स्कूल की एनओसी निरस्त करने की सिफारिश की है। विभागीय अधिकारियों की टीम ने मंगलवार को स्कूल का निरीक्षण किया, जिसमें कई तरह की खामियां मिली। वहीं, सीबीएसई क्षेत्रीय कार्यालय ने भी केंद्रीय कार्यालय को पत्र भेजकर कार्रवाई की सिफारिश की है।
मंगलवार को मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी के निर्देश पर विभागीय अधिकारियों की एक टीम स्कूल पहुंची। जांच के दौरान स्कूल में कई तरह की खामियां मिली। स्कूल का पंजीकरण डे-बोर्डिंग के रूप में है, जबकि वहां हॉस्टल में छात्र-छात्राएं भी रहती हैं।
स्कूल के एक कमरे में फर्श और दीवारें टूटी मिली। वहीं, जिस छात्रावास में छात्रों को ठहराया गया है, उसके ऊपर दो मंजिलों का निर्माण किया जा रहा है। मुख्य शिक्षा अधिकारी एसबी जोशी ने बताया कि निदेशक आरके कुंवर को पत्र भेजकर एनओसी निरस्त करने की सिफारिश की गई है।
बोर्डिंग स्कूलों की नीति नहीं
दूसरी ओर स्कूल का जवाब मिलने के बाद सीबीएसई के क्षेत्रीय निदेशक रणबीर सिंह ने केंद्रीय कार्यालय को पत्र लिखकर स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। ऐसे मामलों में सीबीएसई स्कूल की मान्यता भी निरस्त कर सकता है।
बोर्डिंग स्कूलों की नीति नहीं
एजुकेशन हब के नाम से प्रसिद्ध उत्तराखंड में बोर्डिंग स्कूलों की कोई नीति नहीं है। प्रदेश के कई बोर्डिंग स्कूल दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। यहां कई बड़े घरों के बच्चे पढ़ाई करते हैं। इन विद्यालयों में हर बच्चे से सालाना लाखों रुपये फीस वसूली जाती है।
शिक्षा ही नहीं प्रदेश के पर्यटन व अन्य उद्योगों को भी इसका फायदा मिलता है। इसके बावजूद राज्य सरकार आज तक इनकी कोई नीति तैयार नहीं कर पाई है। विद्यालयों में भोजन, सुरक्षा, वार्डन, कमरों की व्यवस्थाओं और सुविधाओं को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं है।