उत्तराखंड: दो बार भूकंप के झटकों से हिला पिथौरागढ़, घरों से बाहर भागे लोग
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सीमांत जनपद में रविवार को भूकंप के तीव्र झटके महसूस किए गए। इससे भयभीत लोग घरों से बाहर निकल आए। रिक्टर पैमाने में भूकंप की तीव्रता 5.0 मापी गई। भूकंप का केंद्र भारत-नेपाल सीमा में था। भूकंप से जिले में किसी तरह का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है।
रविवार दोपहर 12.37 बजे पिथौरागढ़ जिले भर में भूकंप का तीव्र झटके महसूस हुए। अस्कोट में भूकंप के झटकों से दीवार पर टंगे फोटो फ्रेम गिर गए। भयभीत लोग घरों से निकल आए। धारचूला में दोपहर 12.46 बजे भूकंप का दूसरा झटका महसूस किया गया।
मुनस्यारी, नाचनी, झूलाघाट, जौलजीबी सहित जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप आने की सूचना के बाद डीएम सी रविशंकर ने आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर सभी तहसीलों से भूकंप से हुए नुकसान की जानकारी ली।
उन्होंने सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी आरएस राणा के अनुसार रिक्टर स्केल में भूकंप की तीव्रता पांच मैग्नीट्यूड थी। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के 29.7 डिग्री उत्तर एवं 80.6 डिग्री पूर्व में भारत-नेपाल सीमा पर 10 किमी की गहराई में था।
बागेश्वर जिले की कपकोट तहसील में रविवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप के हल्के झटकों से दहशत में आए लोग घरों से बाहर निकल आए। क्षेत्र में किसी भी प्रकार के नुकसान की कोई खबर नहीं है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि रविवार की दोपहर 12:37 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 आंकी गई है। भूकंप के बाद डीएम रंजना राजगुरु ने आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट कर दिया है।