आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग ने मंगलवार को भूकंप का मॉक अभ्यास किया। माना गया कि उत्तराखंड के जोशीमठ में सुबह दस बजकर दो मिनट पर 7.2 रिक्टर का भूकंप आया। इसके बाद आईटीबीपी और आर्मी को अलर्ट किया गया। वहीं अधिकारी इसकी सूचना मिलते ही आपातकालीन परिचालन केंद्र में पहुंचे।
उत्तराखंड के जोशीमठ में आया 7.2 रिक्टर का 'भूकंप'
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राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण गृह मंत्रालय भारत सरकार के सहयोग से मॉक अभ्यास किया गया। माना गया कि भूकंप का केंद्र जोशीमठ तहसील का तपोवन गांव था। भूकंप से चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी व देहरादून जिले प्रभावित रहे। मॉक ड्रिल के अनुसार भूकंप के झटके महसूस होने या अन्य माध्यमों से भूकंप का पता चलने पर आपदा प्रबंधन के तहत विभिन्न यूनिटों से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी सचिवालय स्थित आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचे।
अधिकारियों ने केंद्र में पहुंचकर अपने दायित्वों को संभाला। भूकंप के बाद देहरादून, टिहरी, चमोली व उत्तरकाशी जिलों में भी जिला आपदा केंद्र सक्रिय हो गए। संबंधित जिलों में पहले से चिन्हित स्टेजिंग एरिया में पुलिस होमगार्ड विभिन्न विभागीय अधिकारी उपलब्ध संसाधनों के साथ एकत्र हो गए। इस दौरान दूरसंचार सेवाएं बाधित रहीं। ऐसी स्थित में सेटेलाइट फोन व वायरलेस सिस्टम का उपयोग किया गया। संपर्क के लिए हेल्प लाइन नंबर प्रसारित किए गए। मॉक अभ्यास के बाद मुख्य सचिव एस रामास्वामी की अध्यक्षता में इसकी समीक्षा की गई और विभिन्न खामियों को चिन्हित किया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को भूकंप के झटके महसूस होने पर स्वत: ही निर्धारित स्थलों पर पहुंच कर अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। इसके लिए किसी आदेश की प्रतीक्षा नहीं की जानी चाहिए। यातायात विभाग ऐसी स्थिति में अधिग्रहित किए जाने वाले वाहनों की सूची तैयार रखें।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार के वरिष्ठ सलाहकार मेजर जनरल वीके दत्ता ने मॉक अभ्यास को संतोषजनक बताते हुए कहा कि स्टेजिंग एरिया में व्यवस्थाओं को सुधारना होगा। आपसी समन्वय पर भी अधिक ध्यान देना होगा। समीक्षा बैठक में इंसिडेंट कमांडर अमित नेगी सहित आपदा प्रबंधन के अंतर्गत काम करने वाले अधिकारियों ने अपने अनुभव बताए। इस अवसर पर पर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भारत सरकार के वरिष्ठ सलाहकार जनरल वीके नायक, सचिव अरविंद सिंह ह्यांकी, अपर सचिव सी रविशंकर आदि मौजूद रहे।