देहरादून: परेड ग्राउंड में इस बार नहीं होगा दशहरे का ऐतिहासिक आयोजन, झंडाजी तालाब में लंका दहन भी रद्द
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कोरोना संकटकाल के चलते देहरादून में झंडा जी तालाब में 151 साल से चला आ रहा ऐतिहासिक लंका दहन का मंचन इस बार देखने को नहीं मिलेगा। कोरोना संक्रमण से आमजन के बचाव के तहत आयोजक रामलीला कला समिति ने यह फैसला लिया है। वहीं, बन्नू बिरादरी समिति ने भी परेड ग्राउंड में होने वाला भव्य रावण दहन रद्द कर दिया है।
रामलीला कला समिति (झंडा मोहल्ला) के संरक्षक राकेश महेन्दु ने बताया कि कोरोना संक्रमण के प्रकोप को देखते हुए झंडा मोहल्ला में नवरात्र में रामलीला मंचन व दशहरा में लंका दहन मंचन करना संभव नहीं है। समिति 151 साल से लगातार लंका दहन व रामलीला मंचन कराती आ रही है।
पहली बार आयोजन रद्द करना पड़ रहा है। हर बार सैकड़ों की संख्या में लोग लंका दहन का मंचन देखने आते हैं। तालाब के चारों ओर खचाखच भीड़ रहती है। इस बार पहले नवरात्र पर कलश स्थापना की जाएगी।
अंतिम दिन हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। हालांकि, कई अन्य जगहों पर मनाए जाने वाले दशहरा को लेकर आयोजक समिति आयोजन को लेकर विचार कर रही हैं, लेकिन प्रशासन की सख्ती के बीच आयोजन मुश्किल ही नजर आ रहा है।
संस्थापक चल बसे, संजोग से दशहरा भी स्थगित
बन्नू बिरादरी की ओर परेड ग्राउंड में होने वाला रावण दहन ऐतिहासिक है। इस बार संजोग ऐसा हुआ कि दशहरा के संस्थापक लक्ष्मणदास विरमानी का इसी साल निधन हुआ और कोरोना संकट काल के चलते दशहरा भी स्थगित करना पड़ रहा है।
बन्नू बिरादरी समिति के अध्यक्ष हरीश विरमानी ने बताया कि दशहरा 1948 से लगातार हो रहा है। हर बार यहां हजारों की संख्या में भीड़ उमड़ती है। इसी साल बीती 12 जून को समिति के संस्थापक व उनके पिता लक्ष्मणदास विरमानी का निधन हुआ है। उनके निधन के बाद पहला दशहरा कराना भावनात्मक रूप से बहुत मुश्किल था, लेकिन संजोगवश आयोजन नहीं हो रहा है।