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डेंगू मरीज को उल्टी, जी मिचलाए तो हैप्पी हाइपोटेंशन का खतरा : डॉ. एनएस बिष्ट

Thu, 21 Sep 2023 11:31 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 21 Sep 2023 11:31 AM IST
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During the Corona period, many patients reached
प्लेटलेट्स कम होने के आधार पर मरीज को अस्पताल में न करें भर्ती, बार-बार प्लेटलेट्स जांच करवाने से बचें
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कोरोना काल में कई मरीज हैप्पीपॉक्सिया की स्थिति में पहुंच गए। इसमें उनका ऑक्सीजन लेवल कम हो जाता था, लेकिन मरीज को पता नहीं चल पाता था। उसी तरह डेंगू में हैप्पी हाइपोटेंशन की स्थिति बन रही है। यह कहना है दून मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. एनएस बिष्ट का।

अमर उजाला कार्यालय में हुए संवाद में उन्होंने कहा कि हैप्पी हाइपोटेंशन की स्थिति में मरीज का ब्लड प्रेशर कम हो जाता है, लेकिन मरीज को पता नहीं चल पाता। इसमें जी मिचलाना, उल्टी लगना, बार-बार सोने का मन करना, पेशाब कम आना, खाना न खाना, शरीर का तापमान कम होना जैसे लक्षण लगते हैं। मरीज और परिजनों को लगता है कि बुखार की वजह से ऐसा हुआ है, लेकिन असल में ब्लड प्रेशर पर किसी का ध्यान नहीं जाता। उन्होंने बताया कि मरीज की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं तो डरें नहीं। ठीक होने के बाद प्लेटलेट्स की रिकवरी धीरे-धीरे हो जाती हैं।
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उन्होंने कहा कि मरीज को प्लेटलेट्स कम होने के आधार पर नहीं, बीपी कम होने या ब्लीडिंग होने पर अस्पताल में भर्ती करें और बार-बार प्लेटलेट्स की जांच करवाने से बचें। डेंगू मरीजों को टीएलसी टेस्ट करवाना चाहिए। इस टेस्ट से रक्त में ल्यूकोसाइट्स (सफेद ब्लड सेल्स) की संख्या का पता लगाया जाता है।
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सफेद ब्लड सेल्स हमारे शरीर में वायरस, बैक्टीरिया से लड़ते हैं। डॉ. बिष्ट ने बताया कि डेंगू के वह मरीज गंभीर हो रहे हैं, जिनको एक बार डेंगू हो चुका है। ऐसे मरीज के शरीर में पहले से आईजीजी नाम की एंटीबॉडी मौजूद होती है। बुखार के शुरुआती दिन में मरीज आईजीजी की पॉजिटिव रिपोर्ट लेकर आए तो यह पुराने डेंगू का प्रतीक है।






बकरी के दूध से हो रहा डायरिया



डॉ. बिष्ट ने बताया कि डेंगू या बुखार होने पर कोई भी ऐसी दवा न लें जो वैज्ञानिक दृष्टि से प्रमाणिक न हो। यहां तक कि दर्द निवारक दवा भी न लें। डेंगू में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए लोग बकरी का दूध और पपीते के पत्ते का रस पी रहे हैं। बकरी के दूध से मरीजों को डायरिया हो रहा है। क्योंकि मरीज की पाचन शक्ति कमजोर होती है और वह इसे पचा नहीं पाता। इससे उल्टी आने की भी खतरा बना रहता है। उन्होंने कहा कि डेंगू मरीज सामान्य आहार के साथ तरल पदार्थ अधिक लें।
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