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उत्तराखंड में चिन्हित होंगे ड्रोन फ्री फ्लाइंग जोन, रेड-ग्रीन और यलो जोन में नहीं भर सकेंगे उड़ान

Sat, 13 Jul 2019 08:25 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 13 Jul 2019 08:25 PM IST
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Drown flying free zone will be marked in Uttarakhand soon
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड में ड्रोन की उड़ान और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के साथ ही साइबर सिक्योरिटी के लिए पहली बार पॉलिसी तैयार की जा रही है। आईटी विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी (आईटीडीए) ने ड्रोन और साइबर सिक्योरिटी नीति पर जीरो ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।

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शीघ्र ही दोनों नीतियों का प्रस्ताव कैबिनेट में रखा जाएगा। नीति में ड्रोन उड़ान के लिए फ्री फ्लाइंग जोन चिन्हित किए जाएंगे। इसके साथ ही रेड, ग्रीन और येलो जोन में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंधित रहेगा। 
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डिजिटल इंडिया के तहत उत्तराखंड ड्रोन तकनीकी और साइबर सिक्योरिटी की तरफ आगे बढ़ रहा है। पहली बार सरकार प्रदेश में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने और उड़ान के लिए फ्री फ्लाइंग जोन चिन्हित करने की नीति बना रही है।
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आपदा प्रबंधन के साथ ही स्वास्थ्य, खनन, कृषि क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल करने पर सरकार का फोकस है। अभी तक प्रदेश में ड्रोन तकनीक के लिए कोई नीति नहीं है, लेकिन नीति लागू होने के बाद ड्रोन उड़ाने के लिए जोन चिन्हित होंगे। एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र को रेड, ग्रीन, येलो जोन में रखा जाएगा।

जहां पर ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध रहेगा। वहीं, विभागों के महत्वपूर्ण डाटा को साइबर अटैक से सुरक्षित रखने के लिए सरकार नीति बनाने जा रही है। आईटी विभाग और आईटीडीए ने दोनों नीतियों का प्रारूप तैयार कर लिया है। जिसका विभागीय स्तर पर अध्ययन करने के बाद मंजूरी के लिए कैबिनेट में रखा जाएगा। 


ड्रोन और साइबर सिक्योरिटी नीति का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इससे जहां उत्तराखंड में ड्रोन तकनीकी को बढ़ावा मिलेगा। वहीं विभागों को डाटा साइबर अटैक से सुरक्षित रखा जा सकेगा। विभागीय स्तर पर दोनों नीतियों का अध्ययन किया जा रहा है। जिसके बाद कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।
- आरके सुधांशु, सचिव, आईटी विभाग

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