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सालभर में भी पूरी नहीं हो सकी पेयजल योजना
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मसूरी में पर्यटन सीजन हो या ऑफ सीजन हर समय बनी रहती है पानी की समस्या,शहर में पानी की समस्या होने प?
- फोटो : MUSSOORIE
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मसूरी। पहाड़ों की रानी मसूरी में लंबे समय से पानी की समस्या से स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। सालभर पहले शुरू की गई यमुना पुनर्गठन पेयजल योजना से लोगों को पेयजल समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी थी, लेकिन योजना पर कोई विशेष काम नहीं हो सका है। इससे आने वाले पर्यटन सीजन में स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी पानी की समस्या से फिर जूझना पड़ेगा।
शहर में जल संस्थान के पानी के घरेलू कनेक्शन 4300 और व्यावसायिक कनेक्शन 1200 हैं। पानी की समस्या से सबसे अधिक मार व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है। पर्यटन सीजन में अधिकांश व्यावासायिक प्रतिष्ठानों में टैंकरों से पानी सप्लाई होती है। जल संस्थान के आंकड़ों के अनुसार एक करोड़ 40 लाख लीटर प्रतिदिन पानी की आवश्यकता होती है। फिलहाल जल संस्थान के पास मात्र 70 लाख लीटर पानी उपलब्ध है। नगर पालिका सभासद प्रताप पंवार और दर्शन रावत के अनुसार शहर में पानी की समस्या लंबे समय से है। मानकों के मुताबिक शहर के उपभोक्ताओं को पानी नहीं मिल रहा है। यमुना से पानी की योजना पर धीमी गति से कार्य चल रहा। इसे पर्यटन सीजन में पूरा होना मुश्किल लग रहा।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला ने स्वीकार किया है कि शहर में पानी की समस्या है। पर्यटन सीजन में 70 लाख लीटर पानी की प्रतिदिन कमी रहती है। इसको दूर करने के लिए टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। पर्यटन ऑफ सीजन में करीब पांच लाख लीटर पानी की कमी रहती है। यमुना से बन रही 144 करोड़ की पानी की योजना का कार्य अभी 50 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ है।
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27 जनवरी 2020 को शुरू हुआ था काम
मसूरी यमुना पुनर्गठन पेयजल योजना पर कार्य 27 जनवरी 2020 को शुरू हो गया था। काम 26 जनवरी 2022 को पूरा होना था, लेकिन अभी तक योजना का 50 फीसदी कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। पेयजल निगम के ईई सुजीत कुमार विकास के अनुसार योजना पर 60 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। एनएच 707 ए से रोड कटिंग की अनुमति नहीं मिलने से कार्य में देरी हो रही है। एनएच डोईवाला को 7.2 किलोमीटर रोड कटिंग के लिए दो करोड़ 87 लाख रुपये का ड्राफ दे दिया गया है। साथ ही 59 हजार लाइसेंस फीस भी एनएच को दी गई है। फिलहाल रोड कटिंग की अनुमति नहीं मिलने से कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। उधर, एनएच 707ए डोईवाला की ईई रचना थपलियाल ने बताया कि पेयजल निगम का अभी तक मिनिस्ट्री ऑफरोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के साथ एएमयू होना है। उनके स्तर से सभी दस्तावेज संबंधित विभाग को भेजे गए हैं।
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शहर में जल संस्थान के पानी के घरेलू कनेक्शन 4300 और व्यावसायिक कनेक्शन 1200 हैं। पानी की समस्या से सबसे अधिक मार व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है। पर्यटन सीजन में अधिकांश व्यावासायिक प्रतिष्ठानों में टैंकरों से पानी सप्लाई होती है। जल संस्थान के आंकड़ों के अनुसार एक करोड़ 40 लाख लीटर प्रतिदिन पानी की आवश्यकता होती है। फिलहाल जल संस्थान के पास मात्र 70 लाख लीटर पानी उपलब्ध है। नगर पालिका सभासद प्रताप पंवार और दर्शन रावत के अनुसार शहर में पानी की समस्या लंबे समय से है। मानकों के मुताबिक शहर के उपभोक्ताओं को पानी नहीं मिल रहा है। यमुना से पानी की योजना पर धीमी गति से कार्य चल रहा। इसे पर्यटन सीजन में पूरा होना मुश्किल लग रहा।
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जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एलसी रमोला ने स्वीकार किया है कि शहर में पानी की समस्या है। पर्यटन सीजन में 70 लाख लीटर पानी की प्रतिदिन कमी रहती है। इसको दूर करने के लिए टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती है। पर्यटन ऑफ सीजन में करीब पांच लाख लीटर पानी की कमी रहती है। यमुना से बन रही 144 करोड़ की पानी की योजना का कार्य अभी 50 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ है।
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27 जनवरी 2020 को शुरू हुआ था काम
मसूरी यमुना पुनर्गठन पेयजल योजना पर कार्य 27 जनवरी 2020 को शुरू हो गया था। काम 26 जनवरी 2022 को पूरा होना था, लेकिन अभी तक योजना का 50 फीसदी कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। पेयजल निगम के ईई सुजीत कुमार विकास के अनुसार योजना पर 60 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। एनएच 707 ए से रोड कटिंग की अनुमति नहीं मिलने से कार्य में देरी हो रही है। एनएच डोईवाला को 7.2 किलोमीटर रोड कटिंग के लिए दो करोड़ 87 लाख रुपये का ड्राफ दे दिया गया है। साथ ही 59 हजार लाइसेंस फीस भी एनएच को दी गई है। फिलहाल रोड कटिंग की अनुमति नहीं मिलने से कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। उधर, एनएच 707ए डोईवाला की ईई रचना थपलियाल ने बताया कि पेयजल निगम का अभी तक मिनिस्ट्री ऑफरोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवे के साथ एएमयू होना है। उनके स्तर से सभी दस्तावेज संबंधित विभाग को भेजे गए हैं।