देहरादून। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मानवता के उपासक होने के साथ ही सिद्धांतवादी भी थे। अपने जीवनकाल में उन्होंने राष्ट्रीय हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने जीवनकाल में जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद-370 को समाप्त करने की पुरजोर वकालत की थी।
ये बातें मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहीं। मुख्यमंत्री शहीद मेजर विवेक गुप्ता प्राथमिक विद्यालय कांवली में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी शिक्षाविद, चिंतक होने के साथ ही जनसंघ के संस्थापक थे। कहा कि डॉ. मुखर्जी जम्मू कश्मीर को भारत का पूर्ण और अभिन्न अंग बनाना चाहते थे। जम्मू कश्मीर का अलग झंडा और अलग संविधान था। अनुच्छेद-370 को समाप्त करने की उन्होंने वकालत की, लेकिन उनका सपना अब जाकर साकार हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद-370 एवं 35ए को समाप्त कर उनके सपने को साकार किया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रावत ने शहीद मेजर विवेक गुप्ता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में विधायक हरवंश कपूर, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता विनय गोयल, पार्षद अर्चना पुंडीर, शुभम नेगी, अमित कपूर, दिनेश रावत समेत अन्य उपस्थित थे।