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दून अस्पताल के विशेषज्ञ सीख रहे पीडियाट्रिक उपचार के गुर
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर में बच्चों के अधिक संक्रमित होने की स्थिति में डॉक्टरों की कमी न हो इसके लिए अब चिकित्सा विधा से जुड़े तमाम विशेषज्ञों को पीडियाट्रिक ट्रीटमेंट के गुर सिखाए जा रहे हैं। पीडियाट्रिक विशेषज्ञों की ओर से अन्य चिकित्सा विशेषज्ञों को बच्चों के इलाज की जानकारी दी जा रही है।
राजकीय दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत ने बताया कि पीडियाट्रिक विभाग के विशेषज्ञों की ओर से हड्डी रोग, त्वचा रोग, हृदय रोग, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट सभी विशेषज्ञों को बच्चों के इलाज के बारे में जानकारी दी जा रही है। कहा कि पूरे प्रदेश में बाल रोग विशेषज्ञों की भारी कमी है, ऐसे में अन्य विशेषज्ञों को भी बच्चों की इलाज के लिए तैयार किया जा रहा है।
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बच्चों का टीकाकरण नहीं होने से संक्रमण की संभावना ज्यादा
डॉ. केसी पंत के मुताबिक बच्चों का टीकाकरण नहीं होने से कोरोना की तीसरी लहर में उनके संक्रमित होने की संभावना ज्यादा है। कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। जबकि, कम उम्र के बच्चों को लेकर अभी वैक्सीन का विकास नहीं हो पाया है। कहा कि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे अधिक होती है। ऐसे में यदि बच्चों में संक्रमण होता है तो बहुत अधिक बच्चे अपने आप ही बीमारी से निपटने में सक्षम होंगे।
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राजकीय दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक व वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. केसी पंत ने बताया कि पीडियाट्रिक विभाग के विशेषज्ञों की ओर से हड्डी रोग, त्वचा रोग, हृदय रोग, इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर, सीनियर रेजिडेंट, जूनियर रेजिडेंट सभी विशेषज्ञों को बच्चों के इलाज के बारे में जानकारी दी जा रही है। कहा कि पूरे प्रदेश में बाल रोग विशेषज्ञों की भारी कमी है, ऐसे में अन्य विशेषज्ञों को भी बच्चों की इलाज के लिए तैयार किया जा रहा है।
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बच्चों का टीकाकरण नहीं होने से संक्रमण की संभावना ज्यादा
डॉ. केसी पंत के मुताबिक बच्चों का टीकाकरण नहीं होने से कोरोना की तीसरी लहर में उनके संक्रमित होने की संभावना ज्यादा है। कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। जबकि, कम उम्र के बच्चों को लेकर अभी वैक्सीन का विकास नहीं हो पाया है। कहा कि बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता सबसे अधिक होती है। ऐसे में यदि बच्चों में संक्रमण होता है तो बहुत अधिक बच्चे अपने आप ही बीमारी से निपटने में सक्षम होंगे।
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