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भेड़ चाल नहीं, अपनी प्रतिभा को पहचान कर ही आगे बढ़ें : रतूड़ी
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Iसेंट जाॅर्ज काॅलेज में कौनफ्लूएंशियल सीरीज के प्रथम वक्तव्य का आयोजन
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Iसेंट जाॅर्ज काॅलेज में कौनफ्लूएंशियल सीरीज के प्रथम वक्तव्य का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त पूर्व डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, प्रधानाचार्य रमेश अमलानाथन ने कार्यक्रम की शुरुआत की।I
Iपूर्व डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि भावी जीवन के निर्माण और लक्ष्य प्राप्ति में प्रारंभिक शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। सुदृृढ़ चरित्र का निर्माण करना, अपनी नेतृत्व क्षमता को विकसित करना, शैक्षणिक उपलब्धि, खेलों में निपुणता हासिल करना, समाज से जुड़ना और सामाजिक शिष्टाचार सीखना ही एक छात्र का कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि हमें भेड़ चाल नहीं चलनी चाहिए, बल्कि अपनी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टीन का उदाहरण देते हुए कहा कि असफल होने पर घबराना नहीं चाहिए। क्योंकि, असफलताएं ही हमारी सच्ची मित्र हैं, जो हमें आईना दिखाती हैं।I
Iबतादें कि अनिल कुमार रतूड़ी सेंट जाॅर्ज काॅलेज मसूरी के पूर्व छात्र रहे हैं। प्रधानाचार्य रमेश अमलानाथन ने कहा कि इस सत्र को शुरु करने का मकसद छात्रों को भाग-दौड़ भरे जीवन में शांति, धैर्य व कठिन परिश्रम से लक्ष्य प्राप्त करने की शिक्षा देना है। इस दौरान सुपीरियर ब्रदर बाबू वर्गीस, उप-प्रधानाचार्य फिलिक्स कुमार, भवनेश नेगी, मार्क गौनसाल्विस, पीडी जायसवाल, जूलियाना डिसूजा, स्टाॅर्मी हजारिका, पल्लवी गोयल आदि मौजूद रहे।I
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Iसेंट जाॅर्ज काॅलेज में कौनफ्लूएंशियल सीरीज के प्रथम वक्तव्य का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि उत्तराखंड सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्त पूर्व डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, प्रधानाचार्य रमेश अमलानाथन ने कार्यक्रम की शुरुआत की।I
Iपूर्व डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी ने कहा कि भावी जीवन के निर्माण और लक्ष्य प्राप्ति में प्रारंभिक शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान है। सुदृृढ़ चरित्र का निर्माण करना, अपनी नेतृत्व क्षमता को विकसित करना, शैक्षणिक उपलब्धि, खेलों में निपुणता हासिल करना, समाज से जुड़ना और सामाजिक शिष्टाचार सीखना ही एक छात्र का कर्तव्य होना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि हमें भेड़ चाल नहीं चलनी चाहिए, बल्कि अपनी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक आइंस्टीन का उदाहरण देते हुए कहा कि असफल होने पर घबराना नहीं चाहिए। क्योंकि, असफलताएं ही हमारी सच्ची मित्र हैं, जो हमें आईना दिखाती हैं।I
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Iबतादें कि अनिल कुमार रतूड़ी सेंट जाॅर्ज काॅलेज मसूरी के पूर्व छात्र रहे हैं। प्रधानाचार्य रमेश अमलानाथन ने कहा कि इस सत्र को शुरु करने का मकसद छात्रों को भाग-दौड़ भरे जीवन में शांति, धैर्य व कठिन परिश्रम से लक्ष्य प्राप्त करने की शिक्षा देना है। इस दौरान सुपीरियर ब्रदर बाबू वर्गीस, उप-प्रधानाचार्य फिलिक्स कुमार, भवनेश नेगी, मार्क गौनसाल्विस, पीडी जायसवाल, जूलियाना डिसूजा, स्टाॅर्मी हजारिका, पल्लवी गोयल आदि मौजूद रहे।I
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