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...और लौट आई सांस: परिजन बुजुर्ग को मान बैठे मृत, डॉक्टरों ने दे दीं सांसें
Tue, 07 Jun 2022 11:03 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 07 Jun 2022 11:03 AM IST
सार
पिथौरागढ़ जिले के गंगोलीहाट में जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने थम चुकी सांसों को सीपीआर देकर बुजुर्ग महिला की जान बचाई। परिजनों ने बुजुर्ग को मृत मान लिया था।
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डॉक्टरों ने बचाई बुजुर्ग की जान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट से उपचार के लिए जिला अस्पताल में आई एक बुजुर्ग महिला को चिकित्सकों की टीम ने कार्डियो पल्मोनरी रेसुसिटेशन (सीपीआर) देकर नया जीवन दिया है जबकि सांसें थम जाने पर परिजनों ने महिला को मृत मान लिया था और अन्य लोगों को भी फोन कर उनको मृत बता दिया था।
जब महिला की सांसें दोबारा चलने लगीं तो परिजनों ने खुश होकर चिकित्सक और उनकी टीम की सराहना की। ग्राम चहज निवासी प्रकाश चंद्र जोशी शनिवार को अपनी पत्नी उषा जोशी के साथ मां बसंती देवी (75) को गंभीर हालत में 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर आए। महिला को 20 दिन से शरीर में सूजन और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
डॉक्टर इमरजेंसी में महिला के उपचार में लग गए लेकिन कुछ देर बाद उनकी मां की सांसें एकदम थम गईं। इस पर उन्होंने मां को मृत समझकर अपने परिजनों को फोन कर इसकी जानकारी दी और अस्पताल के बाहर जाकर रोने लगे।
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इस दौरान आपातकालीन कक्ष में ईएमओ डॉ. रोहित ग्रोवर, फार्मासिस्ट गोपाल सिंह बिष्ट, कक्ष सहायक कमल शर्मा सीपीआर प्रक्रिया देकर महिला को बचाने में जुटे रहे। प्रयासों के बाद उन्होंने बुजुर्ग महिला की सांसें वापस लौटाईं। इसके बाद उन्हें वार्ड में भर्ती किया गया, जहां पर उसका उपचार चल रहा है। बेटे प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि सीपीआर देकर टीम ने उनकी मां को नया जीवन देकर उनकी खुशी लौटाई है। उन्होंने टीम की सराहना की। कहा कि चिकित्सक को इसलिए भगवान का रूप कहा जाता है।
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जब महिला की सांसें दोबारा चलने लगीं तो परिजनों ने खुश होकर चिकित्सक और उनकी टीम की सराहना की। ग्राम चहज निवासी प्रकाश चंद्र जोशी शनिवार को अपनी पत्नी उषा जोशी के साथ मां बसंती देवी (75) को गंभीर हालत में 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लेकर आए। महिला को 20 दिन से शरीर में सूजन और सांस लेने में दिक्कत हो रही थी।
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डॉक्टर इमरजेंसी में महिला के उपचार में लग गए लेकिन कुछ देर बाद उनकी मां की सांसें एकदम थम गईं। इस पर उन्होंने मां को मृत समझकर अपने परिजनों को फोन कर इसकी जानकारी दी और अस्पताल के बाहर जाकर रोने लगे।
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इस दौरान आपातकालीन कक्ष में ईएमओ डॉ. रोहित ग्रोवर, फार्मासिस्ट गोपाल सिंह बिष्ट, कक्ष सहायक कमल शर्मा सीपीआर प्रक्रिया देकर महिला को बचाने में जुटे रहे। प्रयासों के बाद उन्होंने बुजुर्ग महिला की सांसें वापस लौटाईं। इसके बाद उन्हें वार्ड में भर्ती किया गया, जहां पर उसका उपचार चल रहा है। बेटे प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि सीपीआर देकर टीम ने उनकी मां को नया जीवन देकर उनकी खुशी लौटाई है। उन्होंने टीम की सराहना की। कहा कि चिकित्सक को इसलिए भगवान का रूप कहा जाता है।