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प्रेमनगर अस्पताल में बाहर की दवाएं लिख रहे डॉक्टर
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जिला कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता गीता बिष्ट ने आरोप लगाया है कि राजकीय उपजिला अस्पताल प्रेमनगर के कुछ डॉक्टर मरीजों को बाहर की महंगी ब्रांडेड दवाई लिख रहे हैं और अल्ट्रासाउंड के लिए भी बाहर भेज रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व में इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक को अवगत कराया था। उसके बाद कुछ समय के लिए व्यवस्था पटरी पर आई थी, लेकिन वर्तमान समय में फिर से बाहर की दवाई लिखी जा रही है। जबकि इनमें से अधिकतर दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं। कहा कि जो दवाएं अस्पताल में नहीं है उनको प्रधानमंत्री औषधालय के माध्यम से सस्ते में उपलब्ध कराया जा सकता है। चिकित्सक जानबूझकर महंगी ब्रांडेड दवाइयां लिख रहे हैं, जिसकी वजह से गरीब मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल में सिर्फ तीन दिन अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था होने के कारण बाकी दिन डॉक्टर बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहते हैं।
गीता बिष्ट ने कहा कि अगर जल्द ही इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया और चिकित्सकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रवासियों के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी का घेराव किया जाएगा। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यूएस कंडवाल ने कहा कि जो दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं, डॉक्टरों को वह दवाएं बाहर से नहीं लिखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह खुद भी इसकी जांच कराएंगे।
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उन्होंने कहा कि पूर्व में इस संबंध में चिकित्सा अधीक्षक को अवगत कराया था। उसके बाद कुछ समय के लिए व्यवस्था पटरी पर आई थी, लेकिन वर्तमान समय में फिर से बाहर की दवाई लिखी जा रही है। जबकि इनमें से अधिकतर दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं। कहा कि जो दवाएं अस्पताल में नहीं है उनको प्रधानमंत्री औषधालय के माध्यम से सस्ते में उपलब्ध कराया जा सकता है। चिकित्सक जानबूझकर महंगी ब्रांडेड दवाइयां लिख रहे हैं, जिसकी वजह से गरीब मरीजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, अस्पताल में सिर्फ तीन दिन अल्ट्रासाउंड जांच की व्यवस्था होने के कारण बाकी दिन डॉक्टर बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहते हैं।
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गीता बिष्ट ने कहा कि अगर जल्द ही इस संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया और चिकित्सकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्रवासियों के साथ मुख्य चिकित्सा अधिकारी का घेराव किया जाएगा। वहीं, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. यूएस कंडवाल ने कहा कि जो दवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं, डॉक्टरों को वह दवाएं बाहर से नहीं लिखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वह खुद भी इसकी जांच कराएंगे।
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