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जानते हैं, पसलियों से भी सुन सकते हैं आप

Thu, 01 May 2014 10:01 AM IST
अमर उजाला, हल्द्वानी
अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Thu, 01 May 2014 10:01 AM IST
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doctor made ear from the ribs

हल्द्वानी में एसटीएच के प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने पहली बार पसली की हड्डी से कृत्रिम कान बनाने की कोशिश की है।

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पहले चरण का ऑपरेशन कुशलतापूर्वक कर दिया गया है। प्लास्टिक सर्जन डॉ. हिमांशु सक्सेना ने बताया कि हल्द्वानी तीनपानी निवासी 11 वर्षीय अभिषेक को लेकर उसके अभिभावक उनके पास पहुंचे थे।

बच्चे का जन्म से ही दांयी तरफ का कान नहीं था।

कृत्रिम अंगों को कम ग्रहण करते हैं शरीर

doctor made ear from the ribs

इस पैदाइशी विकृति दूर करने के लिए कुछ विकल्प थे, इसमें पसली की हड्डी (सातवीं और आठवीं) निकालकर कान बनाना, दूसरा बना बनाया कान ही फिट कर देना, जिसे रात में निकाला भी जा सकता था।

लेकिन दूसरे मैटेरियल से बने कृत्रिम अंगों को शरीर ग्रहण कम ही करते हैं।

ऐसे में बच्चे की पसली से कान बनाने का फैसला किया। यह ऑपरेशन तीन चरणों में होता है।

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पसली की हड्डी से ऐसे बनाया कान

doctor made ear from the ribs

पहले चरण में पसली की हड्डी निकालना और उसको एक तरह से फ्रेम की तरह फिट करना होता है।

इसके बाद दूसरे चरण में मांस में छेद कर फ्रेम को पहुंचाना और तीसरे में कान को आकार देना होता है।

इसी के तहत फर्स्ट फेज में पसली की हड्डी निकालकर कान का आकार तैयार कर लिया गया है।

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इस तरह का ऑपरेशन हुआ पहली बार

doctor made ear from the ribs

यह ऑपरेशन करीब पांच घंटे चला। यह ऑपरेशन सबसे महत्वपूर्ण होता है। जल्द ही दूसरे-तीसरे चरण की सर्जरी कर कान पूरी तरह तैयार कर लिया जाएगा।

इस तरह का ऑपरेशन कुमाऊं के किसी भी सरकारी अस्पताल में संभवत: पहली बार हुआ है। पसली की हड्डी निकालने से शरीर पर कोई भी दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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