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बालिका शिक्षा के लिए घर-घर होगा सर्वे : डीएम
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Iबेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जिला स्तरीय टास्क फोर्स महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की हुई बैठकI
डीएम सविन बंसल ने कहा कि बालिका की शिक्षा बेहद जरूरी है। इसके लिए गांव-गांव और घर-घर जाकर सर्वे किया जाए। साथ ही 10 से 18 वर्ष आयु की ड्रापआउट बालिकाओं को स्कूलों से जोड़ने के प्रयास करें। बालिकाओं के लिए असुरक्षित स्थानों को चिह्नित कर सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जाएं।
बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जिला स्तरीय टास्क फोर्स महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की बैठक में डीएम ने कहा कि ऐसी योजनाओं पर कार्य करें जो भविष्य में रोल मॉडल बने। डीएम ने कहा कि 11वीं और 12वीं उत्तीर्ण बालिकाओं को जिले के शैक्षणिक संस्थानों, साइंस सिटी झाझरा, एफआरआई और चिड़ियाघर का भ्रमण कराएं। साथ ही प्रेरणादायक फिल्में दिखाएं। डीएम ने पोषण संबंधी जानकारी प्रदान करने वाले अवनी अभियान को भी स्वीकृति दी।
डीएम ने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत डोईवाला, विकासनगर और सहसपुर में बॉक्सा जनजाति क्षेत्रों में ड्रापआउट बालिकाओं का सर्वे किया जाए। इन्हें दोबारा से विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाए। बालिकाओं की एक वर्ष की फीस एकमुश्त जमा की जाए। काउंसलिंग करते हुए उन्हें स्कूल ड्रेस, बैग, स्टेशनरी, किताबें आदि प्रदान की जाए।
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इस दौरान सीडीओ अभिनव शाह, अपर नगर आयुक्त बीर सिंह बुदियाल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी तीरथपाल सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद ढौंडियाल, डीपीओ जितेंद्र कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग अंजली रावत आदि मौजूद रहे।
Iनुक्कड नाटक से करें जागरूकI
डीएम ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविर केे माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, महिला यौन उत्पीड़न शिकायत निवारण अधिनियम की जानकारी नुक्कड़ नाटकों से दी जाएग। कामकाजी माताओं को बच्चे की देखभाल में कठिनाइयों को दूर करने के लिए डे-केयर क्रैच सुविधा प्रदान की जाए।
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डीएम सविन बंसल ने कहा कि बालिका की शिक्षा बेहद जरूरी है। इसके लिए गांव-गांव और घर-घर जाकर सर्वे किया जाए। साथ ही 10 से 18 वर्ष आयु की ड्रापआउट बालिकाओं को स्कूलों से जोड़ने के प्रयास करें। बालिकाओं के लिए असुरक्षित स्थानों को चिह्नित कर सुरक्षित बनाने के प्रयास किए जाएं।
बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जिला स्तरीय टास्क फोर्स महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की बैठक में डीएम ने कहा कि ऐसी योजनाओं पर कार्य करें जो भविष्य में रोल मॉडल बने। डीएम ने कहा कि 11वीं और 12वीं उत्तीर्ण बालिकाओं को जिले के शैक्षणिक संस्थानों, साइंस सिटी झाझरा, एफआरआई और चिड़ियाघर का भ्रमण कराएं। साथ ही प्रेरणादायक फिल्में दिखाएं। डीएम ने पोषण संबंधी जानकारी प्रदान करने वाले अवनी अभियान को भी स्वीकृति दी।
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डीएम ने कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत डोईवाला, विकासनगर और सहसपुर में बॉक्सा जनजाति क्षेत्रों में ड्रापआउट बालिकाओं का सर्वे किया जाए। इन्हें दोबारा से विद्यालयों में प्रवेश दिलाया जाए। बालिकाओं की एक वर्ष की फीस एकमुश्त जमा की जाए। काउंसलिंग करते हुए उन्हें स्कूल ड्रेस, बैग, स्टेशनरी, किताबें आदि प्रदान की जाए।
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इस दौरान सीडीओ अभिनव शाह, अपर नगर आयुक्त बीर सिंह बुदियाल, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्मार्ट सिटी तीरथपाल सिंह, मुख्य शिक्षा अधिकारी विनोद ढौंडियाल, डीपीओ जितेंद्र कुमार, महाप्रबंधक जिला उद्योग अंजली रावत आदि मौजूद रहे।
Iनुक्कड नाटक से करें जागरूकI
डीएम ने कहा कि बहुउद्देशीय शिविर केे माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, महिला यौन उत्पीड़न शिकायत निवारण अधिनियम की जानकारी नुक्कड़ नाटकों से दी जाएग। कामकाजी माताओं को बच्चे की देखभाल में कठिनाइयों को दूर करने के लिए डे-केयर क्रैच सुविधा प्रदान की जाए।