मिलिए इस IAS से, प्राइमरी स्कूल में बच्चों के साथ खाया मिड डे मील
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रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने अगस्त्यमुनि ब्लाक के डोभा गांव का भ्रमण कर जनसमस्याएं सुनी। इस मौके पर उन्होंने प्राथामिक विद्यालय डोभा का जायजा लिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को टॉफी बांटी और फिर उनके साथ मिड-डे-मील भी खाया।
जिलाधिकारी आम जनता के साथ स्कूली बच्चों के भी चहेते बन गए हैं। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी घिल्डियाल प्रात: 10 बजे डोभा गांव पहुंचे। यहां उन्होंने प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। स्कूल के जर्जर भवन पर चिंता जताते हुए उन्होंने पीएमजीएसवाई के अधिकारियों को नए भवन निर्माण के लिए स्टीमेट बनाने को कहा।
इसके बाद वे कक्षा 1 से 5वीं तक के बच्चों से बात करते हुए उनके सवाल पूछने लगे। डीएम ने बच्चों के बीच में बैठकर उन्हें सामाजिक विज्ञान, गणित, विज्ञान, अंग्रेजी के बारे में जानकारी दी और कुछ सवाल भी पूछे। इसके बाद करीब 11 बजे घंटी बजी और सभी छात्र-छात्राएं स्कूल के फील्ड में अपनी-अपनी थाली-कटोरी और गिलास के साथ लाइन पर बैठकर मिड-डे-मिल ग्रहण करने बैठ गए।
तभी डीएम ने भी जूते उतारे और कक्षा दो और तीन के बच्चों के बीच में लाइन में बैठकर थाली में दाल-चावल का आनंद लेने लगे। इसके बाद उन्होंने बच्चों का पुचकारते हुए और अच्छी पढ़ाई करने को कहा। इसके बाद डीएम जीआईसी मणिपुर का निरीक्षण किया। यहां भी उन्होंने कक्षा 6 और 8वीं के बच्चों को सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी पढ़ाया।
डीएम ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे बच्चों के साथ अभिभावक जैसा व्यहार करें, जिससे बच्चे उत्साह के साथ पढ़ सके। डीएम घिल्डियाल ने बताया कि मीड-डे-मिल की गुणवत्ता अच्छी थी। लेकिन स्कूल भवन की स्थिति काफी खतरनाक है। संबंधित अधिकारियों को इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए गए हैं।
बता दें कि मंगेश घिल्डियाल जिले में सबके चहेते हैं। हाल ही में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में विज्ञान विषय की शिक्षिक पद रिक्त होने के चलते इनकी पत्नी ऊषा ने वहां अस्थायी तौर पर पढ़ाने की इच्छा जाहिर की थी। वे वहां पढ़ा भी रही हैं।
इसके अलावा जून माह में केदारनाथ यात्रा दौरान डीएम घिल्डियाल ने यात्री बनकर व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया था।