करोड़ों की संपत्ति खुर्दबुर्द करने के मामले में फंस सकते हैं ये मेयर, DM ने शासन को भेजी रिपोर्ट
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नगर निगम की लीज की करोड़ों रुपये की भूमि को खुर्दबुर्द कराए जाने के मामले में इस मेयर पर गाज गिर सकती है। डीएम ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी है।
मेयर यशपाल राणा संपत्ति का बैनामा कराए जाने के मामले में फंस सकते हैं। जिलाधिकारी दीपक रावत की ओर से इस बाबत जांच आख्या शासन को भेज दी गई है। जिसमें मेयर पर कई गंभीर आरोप लगे हैं।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में मेयर द्वारा लीज भूमि को अपने नाम कराने और उस पर व्यावसायिक भवन बनाकर बेचे जाने को नगर निगम की करोड़ों रुपयों की क्षति बताया है। ऐसे में यह रिपोर्ट मेयर के गले की फांस बन सकती है। साथ ही एक बार फिर यह मामला गरमाने के आसार बन गए हैं।
विधायक प्रदीप बत्रा की ओर से मेयर यशपाल राणा पर नगर निगम की लीज की संपत्ति को खुर्दबुर्द करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की गई थी। जिस पर 19 जून, 2017 को शहरी विकास मंत्रालय की ओर से जिलाधिकारी दीपक रावत को मामले की जांच कर आख्या दिए जाने के आदेश दिए गए थे।
आदेश के अनुपालन में विगत एक जुलाई को डीएम दीपक रावत ने बीटी गंज पहुंचकर संपत्ति का स्थलीय निरीक्षण किया था साथ ही भूमि से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की थी तथा विवादित संपत्ति पर बनाए गए कांप्लेक्स को सील कर दिया था।
आखिर रजिस्ट्रार कार्यालय ने कैसे की रजिस्ट्री
इस दौरान मेयर यशपाल राणा समेत उपजिलाधिकारी और तहसीलदार भी मौजूद थे। अब जिलाधिकारी की ओर से की गई जांच की आख्या शासन को भेज दी गई है। सूत्रों की मानें तो जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि मेयर ने नगर निगम बोर्ड की स्वीकृति के बिना ही बीटी गंज स्थित निगम की संपत्ति को अपने व साथियों के नाम रजिस्टर्ड कराया। इतना हीं नहीं इस भूमि पर व्यवसायिक भवन का निर्माण कर इन्हें करोड़ों रुपये में बेचा जा रहा है। जिससे नगर निगम को करोड़ों की संपत्ति की हानि हुई है।
आखिर रजिस्ट्रार कार्यालय ने कैसे की रजिस्ट्री
सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि नगर निगम की लीज की संपत्ति की लीज समाप्त होने के बाद नियमानुसार यह निगम को ही हस्तांरित होनी चाहिए थी। ऐसे में यदि मेयर ने लीज समाप्ति के बाद संपत्ति को अपने नाम कराया है तो इससे बैनामा करने वाले रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। यही नहीं शहर में अन्य भी कई ऐसे मामले में हैं, जिनमें लीज की संपत्ति समाप्त होने के बाद बैनामे करा लिए गए हैं, लेकिन नगर निगम मेयर होने के चलते यह मामला ज्यादा संवेदनशील हो गया है।
मेयर की संपत्ति से जुड़े मामले की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी गई है। चूंकि यह रिपोर्ट अति गोपनीय है, इसलिए इसे फिलहाल सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है।
-- दीपक रावत, जिलाधिकारी हरिद्वार
राजनीतिक विद्वेष के चलते आरोप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने कोई भी गैरकानूनी काम नहीं किया है। जरूरत पड़ी तो इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा।
यशपाल राणा, मेयर रुड़की नगर निगम