{"_id":"3a9581d4a36503721a4f13bae4e36766","slug":"dm-office-parking-issue","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ऑफिस में 'वसूली' पर प्रशासन का एक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीएम ऑफिस में 'वसूली' पर प्रशासन का एक्शन
अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 21 Sep 2013 09:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी देहरादून में डीएम आफिस के बाहर पार्किंग के नाम पर लोगों से तय रेट से दोगुने दाम वसूलने वाले ठेकेदार पर प्रशासन सख्त हो गया है।
विज्ञापन
सिटी मजिस्ट्रेट ने ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी कर पूछा है कि क्यों न उसका रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया जाए। उधर, यह भी पता चला है कि ठेकेदार ने दो तरह की पर्चियां छपवाई हैं।
विज्ञापन
अमर उजाला ने खुलासा किया था
अमर उजाला ने बीस सितंबर के अंक में ‘डीएम आफिस के बाहर हो रही अवैध वसूली’ शीर्षक से प्रकाशित खबर में पार्किंग ठेकेदार के खेल का खुलासा किया था। आरटीआई के तहत मांगी जानकारी से पता चला था कि पार्किंग की निविदा शर्त में साइकिल के लिए दो रुपए, स्कूटर-बाइक के लिए पांच और चार पहिया वाहन के लिए दस रुपए पार्किंग शुल्क तय था। जबकि ठेकेदार क्रमश: पांच, दस और बीस रुपये वसूल रहा था। इस तरह हर रोज हजारों रुपये के राजस्व का भी चूना लगाया जा रहा था।
विज्ञापन
दोगुनी रकम वसूलना गलत
शनिवार को खबर का संज्ञान लेकर सिटी मजिस्ट्रेट गिरीश गुणवंत ने शनिवार नाजिर को कार्रवाई के निर्देश दिए। सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि तय शुल्क से दोगुनी रकम वसूलना गलत है। उन्होंने बताया कि यह भी जानकारी मिली है कि ठेकेदार ने दो तरह की रसीद छपवाई हैं। इनमें से एक में निविदा शर्त के अनुरूप शुल्क दर्ज है, जबकि दूसरी में दोगुनी रकम लिखी है। गुणवंत ने बताया कि ठेकेदार का जवाब मिलने पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
अधिवक्ता बोले, प्रशासन सब जानता है
स्थानीय अधिवक्ताओं का कहना है कि ठेकेदार के इस खेल की पूरी जानकारी जिला प्रशासन को है। उनके मुताबिक कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत से ही ठेकेदार धड़ल्ले से नियमों की धज्जियां उड़ा रहा था। उनका आरोप है कि प्रशासन मामले में लीपापोती में जुटा है।