Corona: ऋषिकेश में एक और कॉलोनी सील, एम्स में स्टाफ और मरीजों का होगा कोरोना टेस्ट, बिना जांच के एंट्री बैन
- स्टाफ के ठहराने के लिए ऋषिकेश में 10 होटल और धर्मशालाओं का अधिग्रहण
- एसपी देहात की अगुवाई में कोरोना संक्रमण रोकने की कवायद शुरू
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ऋषिकेश में कोरोना के चार मामले सामने आने के बाद बुधवार को एक और कॉलोनी शिवा एन्क्लेव को सील कर दिया है। वहीं, एम्स में कोविड 19 वार्ड से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों और यहां भर्ती 256 मरीजों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। उधर, पुलिस ने एम्स के डॉक्टरों और दूसरे स्टाफ की ठहराने के लिए करीब 10 होटलों और धर्मशालाओं का अधिग्रहण कर लिया है।
एम्स में चार कोरोना पॉजिटिव केस सामने आने के बाद से शासन तक हड़कंप है। ऐसे में संक्रमण बढ़ा तो एम्स का संचालन भी प्रभावित हो सकता है। इसी कड़ी में डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल को ऋषिकेश में ही कैंप करने को कहा है। एसपी डोभाल ने एम्स के अधिकारियों से बात कर कार्यरत स्टाफ की सूची मांगी है। साथ ही पूछा है कि न्यूनतम कितने स्टाफ के साथ काम किया जा सकता है।
एसपी ने कोविड-19 से जुड़े डॉक्टर और स्टाफ को एम्स में ही रहने को कहा है। साथ ही बाहर से आने वालों का इंतजाम होटल और धर्मशालाओं में कराने का भरोसा दिया है। डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने बताया कि ऋषिकेश में 10 होटलों और धर्मशालाओं का अधिग्रहण कर लिया गया है।
एम्स में अब बिना जांच प्रवेश नहीं
एसपी देहात प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि एम्स अधिकारियों से बात हो गई हैं। अब सिर्फ इमरजेंसी में नए मरीज को लिया जाएगा। ये भी व्यवस्था की गई है कि एम्स परिसर में बिना जांच के किसी को प्रवेश ना दिया जाए।
तलाशी जा रही कोरोना की चेन
एलआईयू की विशेष टीम यह पता लगाने में जुटी है कि एम्स तक कोरोना संक्रमण कैसे पहुंचा। डीआईजी ने बताया कि मंगलवार को रुड़की की जिस महिला में संक्रमण पाया गया है, उसके परिजनों का भी सैंपल लिया गया है।