कहां जाकर ठहरेगी कांग्रेस विधायकों की गुटबाजी: अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के बाद पार्टी में घमासान और तेज
प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी पर 19 में से 11 विधायक नदारद रहे तो वहीं यशपाल आर्य के पदभार ग्रहण करने के दौरान भी पूर्व सीएलपी नेता प्रीतम सिंह सहित करीब पांच विधायक गायब रहे। पार्टी की ओर से नदारद तमाम विधायकों के नहीं पहुंचने पर वाजिब कारण गिनाए जा रहे हैं, लेकिन यह किसी के गले भी नहीं उतर रहे हैं।
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उत्तराखंड कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति के बाद उठा घमासान फिलहाल थमता दिखाई नहीं दे रहा है। धरचूला विधायक हरीश धामी की ओर से सीधे तौर पर पार्टी के खिलाफ मार्चो खोलने के साथ ही तमाम विधायक अब भी नाराज बताए जा रहे हैं। बीते दो दिन में कांग्रेस के लिए दो महत्वपूर्ण अवसरों पर कई विधायकों की अनुपस्थिति पार्टी के भीतर पक रही टकराव की खिचड़ी की तरफ इशारा कर रहे हैं।
उत्तराखंड कांग्रेस में बढ़ती अंतर्कलह के बीच करन माहरा ने प्रदेश अध्यक्ष और यशपाल आर्य ने नेता प्रतिपक्ष का पद संभाल लिया है, लेकिन इन दोनों के ही पदभार संभालने के एन मौके पर तमाम विधायकों ने कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। पहले दिन प्रदेश अध्यक्ष की ताजपोशी पर 19 में से 11 विधायक नदारद रहे तो वहीं यशपाल आर्य के पदभार ग्रहण करने के दौरान भी पूर्व सीएलपी नेता प्रीतम सिंह सहित करीब पांच विधायक गायब रहे। बताया जा रहा है कि इनमें से कई विधायक नई नियुक्तियों से खुश नहीं हैं।
सभी विधायक अनौपचारिक रूप से बैठक कर इस मुद्दे को पार्टी हाईकमान तक ले जाने की बात भी कह चुके हैं। नाराज विधायकों का कहना है कि उनकी वरिष्ठता की अनदेखी कर इन पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष की ओर से पदभार ग्रहण किए जाने के बाद विधानमंडल दल की बैठक लिए जाने की चर्चा थी। इसके लिए सभी विधायकों को बकायदा देहरादून पहुंचने के निर्देश दिए गए थे।
गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा मेहरा दसोनी ने दिया बयान
ऐन मौके पर जब सभी विधायक देहरादून नहीं पहुंचे तो बैठक को स्थगित कर दिया गया। हालांकि बैठक की औपचारिक सूचना जारी नहीं की गई थी। पार्टी की ओर से नदारद तमाम विधायकों के नहीं पहुंचने पर वाजिब कारण गिनाए जा रहे हैं, लेकिन यह किसी के गले भी नहीं उतर रहे हैं।
वहीं मीडिया को जारी एक बयान में गढ़वाल मंडल मीडिया प्रभारी गरिमा मेहरा दसोनी ने कहा कि सत्तापक्ष को इस बात की चिंता नहीं है कि उनकी कैबिनेट बैठकों में मंत्री और अधिकारी अनुपस्थित हो रहे हैं, लेकिन उनका पूरा ध्यान इस तरफ केंद्रित है कि विपक्ष के आयोजनों में कौन आ रहा है कौन नहीं।
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उत्तराखंड कांग्रेस में किसी तरह की फूट नहीं है। मेरे पदभार ग्रहण करने के दौरान कुछ विधायक अनुपस्थित रहे, लेकिन सभी ने वाजिब कारण बता दिया था। मुझे पार्टी ने सभी विधायकों के अभिभावक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी है, मैं सभी को साथ लेकर आगे बढूंगा और संरक्षण दूंगा। जिस किसी की नाराजगी होगी, मिल बैठकर सुलझा ली जाएगी।
- यशपाल आर्य, नेता प्रतिपक्ष