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Dehradun: सब कुर्बान करने को तैयार...ये इश्क नहीं मानसिक विकार, हर महीने पांच लोगों में बीमारी की पुष्टि

Mon, 10 Nov 2025 01:10 PM IST
रेनू सकलानी अंकित यादव, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
अंकित यादव, माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 10 Nov 2025 01:10 PM IST
सार

एमिग्डाला, हिपोकैंपस और प्रेफ्रंटल कॉर्टेक्स के सर्किट में गड़बड़ी से बॉर्डर पर्सनैलिटी डिसॉर्डर का खतरा बढ़ गया है। जिला चिकित्सालय के मनोरोग विभाग में हर महीने पांच मरीजों में बीमारी की पुष्टि हो रही है।

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Disorders due to imbalance in the brain borderline personality disorder risk Dehradun News
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

कहते हैं मोहब्बत में हद की सभी दीवारें टूट जाती हैं। अपने हमसफर की खुशी के लिए कोई कुछ भी कुर्बान कर सकता है। इसका सबसे उच्च स्तर मानसिक बीमारी के संकेत देता है, विशेषज्ञ जिसे बॉर्डर पर्सनैलिटी डिसऑर्डर के रूप में पहचानते हैं। जिला चिकित्सालस में इस बीमारी से जूझने वाले हर महीने करीब पांच मरीज पहुंच रहे हैं।

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मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक मस्तिष्क के तीन अलग-अलग हिस्सों, जिसमें एमिग्डाला, हिपोकैंपस और प्रेफ्रंटल कॉर्टेक्स मुख्य रूप से शामिल है। इनमें मौजूद सर्किट जब असंतुलित होते हैं, तो ऐसी स्थिति में बॉर्डर पर्सनैलिटी डिसॉर्डर नाम का मानसिक विकार पैदा होता है। यह विकार ग्रसित व्यक्ति की भावनाओं और विचारों को अनियंत्रित कर देता है।

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यह विकार सबसे अधिक 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के बीच के लोगों में देखने को मिलता है। इससे ग्रसित लोग किसी भी व्यक्ति पर आंख बंद कर भरोसा करने लगते हैं। साथ ही इन्हें 10 से 15 दिनों में ही इन्हें इतना लगाव हो जाता है, कि वह उस व्यक्ति के लिए किसी भी कद तक जा सकते हैं।
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जिला चिकित्सालय की वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. निशा सिंगला ने बताया कि वैसे तो यह विकार किसी को भी हो सकता है। लेकिन उनके पास आने वाले मरीजों में सबसे अधिक कम उम्र के प्रेमी युगल ही हैं। किशोर की तुलना में किशोरियों की संख्या इसमें सबसे ज्यादा पाई गई है।

वर्चुअल मुलाकात में ही कर रहे जन्मों-जन्म साथ निभाने का वादा

चिकित्सक डॉ. सिंगला के अनुसार उनके पास कई ऐसे मामले आ चुके हैं, जिसमें मरीज कभी भी अपने साथी से नहीं मिला और उसके लिए अपनी जान तक देने के लिए तैयार है। वह सिर्फ सोशल मीडिया माध्यमों से ही बात कर एक-दूसरे से जन्मों-जन्म साथ रहने का वादा कर देते हैं। अभिभावक बताते हैं कि अगर उन्हें बात करने के लिए मना किया जाता है तो वह शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं और गलत कदम उठाने का प्रयास करते हैं।

केस-1

देहरादून में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें एक लड़के को सोशल मीडिया पर किसी लड़की से प्रेम हो गया। उसने खुद को पैसे वाला बताकर उससे तरह-तरह के वादे कर दिए। किराये की कार लेकर वह उससे मिलने भी गया। उसे महंगे उपहार भी दिए। यह सब करने के लिए उसने अपने मां की सोने की चेन चोरी कर बेची थी। इसके बाद उसे काउंसिलिंग के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा।

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केस-2

एक लड़की को कम उम्र में ही सोशल मीडिया पर चड़ीगढ़ निवासी एक लड़के से प्यार हो गया। वह घर में बिना बताए उसके साथ चली गई। कुछ ही महीनों में वे दोनों अलग हो गए। लड़की देहरादून वापस आ गई और उसे दूसरे लड़के से प्यार हो गया। इसके लिए उसने अपने हाथ, पैर और मुंह पर कई चोटें पहुंचाई। आज भी उसकी काउंसलिंग चल रही है।

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