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आपदा प्रबंधन सम्मेलन: देहरादून घोषणा पत्र जारी, हिमालय में अंतरराष्ट्रीय स्तर का केंद्र स्थापित हो
Sun, 30 Nov 2025 10:59 PM IST
अलका त्यागी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 30 Nov 2025 10:59 PM IST
सार
सम्मेलन में माना गया है कि प्राकृतिक और मानवजनित आपदा की चुनौती और जटिलता बढ़ रही है। ऐसे में आपदा के जोखिम को कम करने के लिए विश्व के सभी हितधारक, देश, संस्था, वैज्ञानिक सभी मिलकर एक दिशा में समन्वय के साथ काम करें।
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आपदा प्रबंधन कांफ्रेंस
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विस्तार
विश्व आपदा प्रबंधन सम्मेलन-2025 में विशेषज्ञों, संस्थाओं के प्रमुखों ने आपदा के जोखिम को कम करने के लिए देहरादून घोषणा पत्र जारी किया गया है। इसमें हिमालय में आपदा के दृष्टिगत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सेंटर स्थापित करने की संस्तुति की गई है।
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सम्मेलन में माना गया है कि प्राकृतिक और मानवजनित आपदा की चुनौती और जटिलता बढ़ रही है। ऐसे में आपदा के जोखिम को कम करने के लिए विश्व के सभी हितधारक, देश, संस्था, वैज्ञानिक सभी मिलकर एक दिशा में समन्वय के साथ काम करें। समुदायों की आवाज और परंपरागत ज्ञान को भी अधिक तरजीह दी जाए। सम्मेलन में कई अनुशंसा भी की गई।
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आपदा के खतरे का सामना करने के लिए सहयोग, समन्वय, तकनीकी ज्ञान की भूमिका बढ़ रही है, पूर्व चेतावनी प्रणाली क्षमता और सूचनाओं के अदान प्रदान को बढ़ाना होगा। हिमालय में आपदा के मद्देनजर एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के केंद्र की स्थापना हो, जहां पर आपदा न्यूनीकरण और भविष्य कर चुनौतियों से निपटने के लिए ज्ञान, अनुभव और उभरती प्रौद्योगिकियों को साझा किया जाए। समुदायों को सशक्त बनाने की जरूरत है।
इसमें आपदा योद्धा बनाने के लिए सामुदायिक जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित हो। इसमें स्थानीय भाषा, परंपरागत ज्ञान आदि को शामिल किया जाए। आपदा जोखिम कम करने के लिए नवाचार और सिक्किम मॉडल जैसी क्षेत्रीय और श्रेष्ठ पद्धतियों को बढ़ावा दिया जाए।