उत्तराखंड: बारिश से अब तक 59 लोगों की हुई मौत, 12 लोग अभी भी हैं लापता
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड में यह मानसून सीजन जिंदगी पर भारी पड़ रहा है। मानसूनी बारिश से आई आपदा में प्रदेश में अब 59 लोगों की मौत हो चुकी है। 55 लोग घायल हुए और 12 लोग अभी भी लापता हैं। 323 पशु हानि और 134 भवनों को आंशिक और 115 को पूर्ण क्षति पहुंची हैं। इससे प्रदेश में अब तक कुल 170 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
यह जानकारी सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तरकाशी में आपदा प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने के बाद पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने बताया कि उत्तरकाशी जिले में आई आपदा से 70 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।
अतिवृष्टि से जनपद की मोरी तहसील सर्वाधिक प्रभावित है। 52 गांव इसकी जद में आएं है, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई है। जबकि छह लापता और आठ घायल हैं। वहीं, 115 भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
जबकि 17 पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। आपदा में दो मोटर मार्ग और दो पैदल पुल बह गए हैं। 14 किलोमीटर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। आराकोट क्षेत्र में प्रारंभिक अनुमान के अनुसार 130 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
बता दें कि, मंगलवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत, क्षेत्रीय सांसद माला राज्यलक्ष्मी शाह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद अजय भट्ट ने आराकोट क्षेत्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने आपदा में मृत लोगों के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये और घायलों व अन्य प्रभावितों को मानकों के अनुसार आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है।
आपदाग्रस्त आराकोट क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था हुई तहस-नहस
मोरी ब्लॉक के आराकोट क्षेत्र में आई भीषण आपदा से जान माल के नुकसान के साथ ही आधा दर्जन से अधिक विद्यालय भवन भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे करीब 300 से अधिक छात्रों की शिक्षा प्रभावित हो गई है। शिक्षा विभाग ने प्रभावित स्कूलों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के साथ ही हालात सामान्य होने तक क्षेत्र के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
18 अगस्त को आई आपदा में आराकोट क्षेत्र के राइंका टिकोची, प्राथमिक विद्यालय चिंवा, उच्च प्राथमिक विद्यालय चिंवा, हाईस्कूल चिंवा तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय किराणू के भवन पूरी तरह तबाह हो चुके हैं, जबकि प्राथमिक विद्यालय डगोली व प्राथमिक विद्यालय मोल्डी को आंशिक क्षति पहुंची है।
इससे इन स्कूलों में पढ़ने वाले कुल 314 छात्र-छात्राओं की शिक्षा पूरी तरह प्रभावित हो गई है। साथ ही राइंका टिकोची व हाईस्कूल चिंवा के बोर्ड परीक्षा के छात्रों के फार्म आदि दस्तावेज भी बाढ़ की भेंट चढ़ गए। शिक्षा विभाग ने आराकोट क्षेत्र के सभी स्कूलों में हालात सामान्य होने तक अवकाश घोषित कर दिया है।
प्रभावित स्कूलों का दौरा करके लौटे मुख्य शिक्षाधिकारी रमेश चंद्र आर्य ने बताया कि इस भीषण आपदा ने सात स्कूलों और उनमें रखी शिक्षण सामग्री को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। हालांकि प्रभावित विद्यार्थियों की शिक्षा को जारी रखने के लिए सकुशल बचे नजदीकी स्कूलों व भवनों में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। इसके तहत राइंका टिकोची के 200 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई की व्यवस्था निकटवर्ती बरनाली बेसिक स्कूल में की जा रही है।
जबकि चिंवा के प्राथमिक विद्यालय (22 विद्यार्थी) व उच्च प्राथमिक विद्यालय (24 विद्यार्थी) को प्राथमिक विद्यालय जागटा, हाईस्कूल चिंवा (25 विद्यार्थी) को प्राथमिक विद्यालय बलावट, प्राथमिक विद्यालय डगोली (28 विद्यार्थी) को प्राथमिक विद्यालय टिकोची, प्राथमिक विद्यालय मोल्डी (11 विद्यार्थी) को सामुदायिक मिलन केंद्र मोल्डी तथा उच्च प्राथमिक विद्यालय किराणू (4 विद्यार्थी) को प्राथमिक विद्यालय किराणू में शिफ्ट किया गया है।
प्रभावित विद्यालयों के बोर्ड परीक्षार्थियों से नए फार्म भरवाए जा रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से प्रभावित स्कूलों के विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि आराकोट क्षेत्र में हालात सामान्य होने के बाद सभी स्कूलों को खोल दिया जाएगा।