फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Disabled ex-servicemen will get incentive, Uttarakhand governor gave instructions

दिव्यांग पूर्व सैनिकों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि: राज्यपाल ने दिए निर्देश, राजभवन की ओर से दिए जाएंगे पांच हजार रुपये

Fri, 08 Apr 2022 05:23 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 08 Apr 2022 05:23 PM IST
सार

प्रमुख सचिव सैनिक कल्याण एल फैनई एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था के लाभार्थियों, जिनमें पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सैनिक आश्रित एवं दिव्यांग सैनिक शामिल हैं, के पर्याप्त आंकड़े डिजिटल रूप से उपलब्ध करवाए जाएं।

विज्ञापन
Disabled ex-servicemen will get incentive, Uttarakhand governor gave instructions
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने राजभवन में हुई सैनिक पुनर्वास संस्था की बैठक में प्रदेश के समस्त दिव्यांग पूर्व सैनिकों को राजभवन की ओर से 5001 रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि सैनिक बाहुल्य राज्य उत्तराखंड में सैनिक और उनके आश्रितों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
विज्ञापन


उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान होना चाहिए। उन्होंने प्रमुख सचिव सैनिक कल्याण एल फैनई एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था के लाभार्थियों, जिनमें पूर्व सैनिक, वीर नारियां, सैनिक आश्रित एवं दिव्यांग सैनिक शामिल हैं, के पर्याप्त आंकड़े डिजिटल रूप से उपलब्ध करवाए जाएं।
विज्ञापन


कहा कि सैनिक पुनर्वास संस्था की वेबसाइट विकसित की जाए, ताकि पूर्व सैनिकों एवं उनके आश्रित सरलता से संपर्क कर सकें। राज्यपाल ने शहीदों की विधवाओं के कल्याण एवं पुनर्वास पर विशेष बल देने की बात कही। कहा कि उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था का पूर्णत: आधुनिकीकरण किया जाना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

सैनिक परिवारों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करें : सिंह

सैनिक पुनर्वास संस्था के साथ हुई बैठक में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने कहा कि वीरता पुरस्कार प्राप्त करने वाले सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने संस्था को निर्देश दिए कि राज्य के प्रत्येक जनपद में सेना में भर्ती के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोलने के प्रयास किए जाएं। इसके लिए तात्कालिक रूप से विद्यालयों के खेल मैदानों का प्रयोग किया जा सकता है। राज्यपाल ने कहा कि सैनिक पुनर्वास संस्था को प्रयास करने होंगे कि राज्य के बहुसंख्यक भूतपूर्व सैनिकों की राज्य में जैविक खेती, नेचुरल फार्मिंग, फॉरेस्टेशन, सीमांत क्षेत्रों में रिवर्स पलायन में किस तरह गेमचेंजर की भूमिका हो सकती है।

ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश

राज्यपाल ने कहा कि भूतपूर्व सैनिकों की बेटियों की एनडीए, सैनिक सेवाओं एवं अन्य प्रतिष्ठित केंद्रीय व राज्य सरकार की सेवाओं में किस प्रकार भागीदारी बढ़े, इसके लिए सैनिक पुनर्वास संस्था को भी प्रयास करने होंगे। राज्यपाल ने सैनिकों के कल्याण के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार एवं सैनिक पुनर्वास संस्था द्वारा चलाई जा रहीं योजनाओं के समन्वय की बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की जा रही हिम प्रहरी योजना में सैनिक पुनर्वास संस्था क्या योगदान दे सकती है, इस पर विचार किया जाए। राज्यपाल ने कहा कि शीघ्र ही उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था की कृषि भूमियों का निरीक्षण किया जाएगा। कहा कि संस्था की 1423 एकड़ भूमि का अधिकतम सदुपयोग किया जाना चाहिए एवं इन पर एरोमेटिक, मेडिसिनल हर्बस व ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। राज्यपाल ने इस पर एक ठोस कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, राज्यपाल के सचिव डॉ.रंजीत कुमार सिन्हा, अपर सचिव स्वाति एस भदौरिया, वित्त नियंत्रक राजभवन डॉ.तृप्ति श्रीवास्तव, उत्तराखंड सैनिक पुनर्वास संस्था के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed