उत्तराखंड: एक ही जगह पर डेढ़ दर्जन से ज्यादा लोगों को हुआ डायरिया, ऐसे करें अपना बचाव
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गर्मी के चलते डायरिया, डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियां भी बढ़नी शुरू हो गई हैं। सहसपुर विकास खंड के गांव भगवंतपुर में डायरिया का प्रकोप बढ़ रहा है। कई बच्चों समेत डेढ़ दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने बिस्तर पकड़ लिया।
गांव में डायरिया फैलने की जानकारी मिलते ही एसीएमओ डॉ. दयाल शरण की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम आनन-फानन में गांव पर पहुंची और डायरिया से पीड़ित मरीजों, बच्चों का उपचार कर स्थिति कोे संभाला।
एसीएमओ डॉ. दयाल शरण के मुताबिक फिलहाल सभी ग्रामीण ग्रामीणों की स्थिति ठीक है। डायरिया दोबारा न फैलने पाए, इसके लिए सभी जल स्रोतों में क्लोरीन टेबलेट डालने के साथ ही ग्रामीणों को भी क्लोरीन टैबलेट वितरित की गई हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को डायरिया से बचाव की भी जानकारी दी गई है। एसीएमओ डॉ. दयाल शरण ने बताया कि डॉ. जगमोहन और फार्मासिस्ट श्री थपलियाल की अगुवाई में विशेषज्ञों की टीम गांव पर निगरानी रखे हुए हैं, ताकि डायरिया दोबारा न फैलने पाए। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
ओडीएफ की खुली पोल, खुले में शौच कर रहे ग्रामीण
भगवंतपुर गांव को सरकार और जिला प्रशासन ने भले ही ओडीएफ घोषित कर दिया हो लेकिन हकीकत यह है कि अभी भी ग्रामीण खुले में शौच कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपनी जांच में पाया कि घरों में शौचालय होने के बावजूद उसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम की जांच में यह बात भी सामने आई कि शौचालयों का इस्तेमाल करने के बाद उनकी सफाई तक नहीं की जा रही है। एसीएमओ डॉ. दयाल शरण का कहना है कि इस संबंध में रिपोर्ट सीडीओ को भेजी जा रही है
ऐसे करें डायरिया से बचाव
- हाथों को साबुन से धोने के बाद ही भोजन करें।
- बासी भोजन न खाएं, ताजा भोजन ही खाएं।
- कटे-फटे फल खाने से परहेज करें।
- खुले में शौच कतई न करें।
- पानी में क्लोरीन टैबलेट डालने के बाद ही इस्तेमाल करें।
- क्लोरीन टैबलेट नहीं है तो पानी को अच्छी तरह उबालने के बाद ही प्रयोग में लाएं।
- डायरिया होने पर नीम हकीमों की जगह कुशल चिकित्सक को संपर्क करें इलाज करवाएं।
- डायरिया होने पर शरीर में पानी की मात्रा किसी सूरत में कम न होने दें।
- नियमित अंतराल पर ओआरएस का घोल पीयें।