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धुमाकोट बस हादसा: इमरजेंसी में खुली पोल, एक घंटे तक इंतजार करती रही डीआईजी गढ़वाल की टीम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 01 Jul 2018 08:40 PM IST
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संजय गुंज्याल, आईजी (एसडीआरएफ)
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आपदाओं के मौसम में राज्य के आपदा प्रबंधन की पोल रविवार को उस वक्त खुल गई, जब घटनास्थल पर रवाना होने के लिए डीआईजी गढ़वाल की टीम एक घंटे तक हैलीपैड पर ही खड़ी रही। बाद में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने एविएशन कंपनी के निदेशकों से दिल्ली में बात की, जिसके बाद सभी मौके पर रवाना हो सके। हालांकि मौसम खराब होने के चलते सभी रामनगर पहुंचे, जहां से वे सड़क मार्ग के जरिए घटनास्थल पहुंचे।
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रविवार को पौड़ी जिले के धूमाकोट के पास हादसे में 48 लोगों की मृत्यु हो गई। इस पर डीआईजी गढ़वाल पुष्पक ज्योति अपने साथ एसडीआरएफ की टीम को लेकर सहस्त्रधारा हैलीपैड पहुंचे। यहां तीन हेलीकॉप्टरों से उनकी टीम को घटनास्थल पर पहुंचना था। सूत्रों की मानें तो पूर्व में कई बार हेलीकॉप्टरों को सरकारी कार्यों में इस्तेमाल किया गया, परंतु भुगतान को लेकर फाइल सालों तक लटकी रही।
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इसका नतीजा रविवार को सहस्त्रधारा हैलीपैड पर देखने को मिला। डीआईजी की टीम को ले जाने के लिए पहले तो पायलट न होने की बात कही गई। बाद में किसी तरह पायलट को बुलवाया गया, जिसमें करीब आधे घंटे लग गए। इसके बाद हेली सर्विसेज कंपनियों ने भुगतान विवाद का हवाला देते हुए हेलीकॉप्टर भेजने से ही मना कर दिया। दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई, परंतु बात नहीं बनी।
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इसके बाद अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने दिल्ली में संबंधित एविएशन कंपनी के निदेशकों से बात की। तब जाकर हेलीकॉप्टर टीम को लेकर उड़े, परंतु मौसम खराब होने के चलते घटनास्थल तक नहीं जा सके। वहीं कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने इस मामले में बयान जारी करते हुए कहा है कि पुराने भुगतान न होने के चलते रविवार को आपदा प्रबंधन का कार्य तीन घंटे प्रभावित रहा। सरकार को इसके लिए रणनीति बनानी चाहिए।
एक नए हेलीकॉप्टर की खरीद जल्द
राज्य सरकार के नागरिक उड्डयन विभाग के पास अभी एक स्टेट प्लेन और एक हेलीकॉप्टर है। स्टेट प्लेन की उपयोगिता न होने के चलते उसे बेचे जाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसके बाद विभाग एक हेलीकॉप्टर की खरीद करेगा। अपर मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि इस हेलीकॉप्टर का उपयोग आपदा राहत कार्यों के लिए भी किया जाएगा। इसके अलावा निजी कंपनियों से समन्वय बेहतर किया जाएगा, जिससे भविष्य में इस प्रकार की दिक्कत न हो सके।
सहस्रधारा हेलीपैड पर एसडीआरएफ की एक टीम पूरी तरह तैयार रहती है। घटना के बाद तत्काल घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में सरकार के निर्देश पर तीन हेलीकॉप्टरों से टीम को मौके पर पहुंचाया जाना था, मगर खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सके। जैसे-तैसे हेलीकॉप्टर उड़े तो उन्हें बमुश्किल रामनगर तक पहुंचाया गया। यहां से डीआईजी गढ़वाल रेंज और एसडीआरएफ की टीम सड़क मार्ग से घटनास्थल पर पहुंची।
- संजय गुंज्याल, आईजी (एसडीआरएफ)