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Dehradun News: भूस्खलन जोन के स्थायी समाधान को लेकर धरना
Mon, 17 Aug 2026 02:26 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Mon, 17 Aug 2026 02:26 AM IST
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कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर स्थित जजरेड भूस्खलन जोन का स्थायी उपचार न होने से आक्रोशित ग्रामीणों का धैर्य रविवार को जवाब दे गया। भारत संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच के राष्ट्रीय संयोजक व जजरेड संघर्ष समिति के अध्यक्ष दौलत कुंवर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोगों ने जजरेड के समीप धरना देकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन के भीतर सुरक्षात्मक कार्य शुरू नहीं कराए गए, तो वे जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव करेंगे। दौलत कुंवर ने कहा कि जौनसार-बावर की आवाजाही का मुख्य जरिया कालसी-चकराता मोटर मार्ग है, लेकिन जजरेड भूस्खलन जोन लंबे समय से क्षेत्रवासियों के लिए नासूर बना है। उन्होंने आरोप लगाया कि हर साल सड़क खोलने, मलबा हटाने और टेस्टिंग के नाम पर लाखों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, लेकिन समस्या के स्थायी समाधान पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। कुंवर ने भाजपा सरकार पर जनजातीय क्षेत्र जौनसार-बावर के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप भी लगाया। धरने और नारेबाजी की सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार राजेंद्र लाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित ग्रामीणों को समझाते हुए जानकारी दी कि मुख्यमंत्री की ओर से कालसी-चकराता मोटर मार्ग को राजमार्ग घोषित किया जा चुका है और जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्य शुरू होंगे।इस आश्वासन के बाद ग्रामीण धरना समाप्त करने को राजी हुए। हालांकि, उन्होंने संघर्ष समिति की ओर से अपनी मांगों का एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपते हुए 15 दिन का अल्टीमेटम बरकरार रखा है। इस मौके पर क्षेत्रीय पटवारी अनिल सिंह नेगी, चौकी प्रभारी संदीप पंवार, सतीश कुमार पाटिल, दिलीप चंद्र, अभिषेक कुमार, प्रधान माया राम, राम सिंह, सूरत सिंह, जयपाल सिंह और तोता राम कई ग्रामीण मौजूद रहे।
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