उत्तराखंड: त्रिस्तरीय पंचायतों व शहरी स्थानीय निकायों पर धनवर्षा, बदरी- केदार के लिए तीन करोड़ रुपये की किस्त
वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही और क्षेत्र पंचायतों और ग्राम पंचायतों को पहली छमाही किस्त के तौर पर 266.05 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों (छावनी बोर्ड सहित) के लिए निदृष्ट अनुदान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली किस्त 65.10 करोड़ की धनराशि के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
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प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023-24 के पहले ही महीने में त्रिस्तरीय पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों पर धनवर्षा की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पांचवे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत पंचायतों और निकायों में विकास व अन्य कार्यों के लिए 663.43 करोड़ की धनराशि को मंजूरी दे दी है। वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया है।
पंचम राज्य वित्त आयोग के तहत सभी जिला पंचायतों को वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही और क्षेत्र पंचायतों और ग्राम पंचायतों को पहली छमाही किस्त के तौर पर 266.05 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने शहरी स्थानीय निकायों (छावनी बोर्ड सहित) के लिए निदृष्ट अनुदान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 की पहली किस्त 65.10 करोड़ की धनराशि के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
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समस्त शहरी स्थानीय निकायों को वित्तीय वर्ष 2023-24 की पहली किस्त के तौर पर 245 करोड़ 76 लाख की धनराशि के साथ ही तीन गैर निर्वाचित नगर पंचायतों बदरीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री को पहली छमाही किस्त के तौर पर तीन करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा 15 वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत शहरी स्थानीय निकायों को 65.10 करोड़ की टाइड अनुदान की पहली किस्त और पंचायती राज संस्थाओं को अनटाइड अनुदान के लिए 87.33 धनराशि भी अवमुक्त हुई।