फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dgp bs sidhu and nirvikar singh case

DGP के आगे नहीं टिका CM का आदेश

Mon, 02 Jun 2014 12:11 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 02 Jun 2014 12:11 PM IST
विज्ञापन
dgp bs sidhu and nirvikar singh case

उत्तराखंड में बड़े हाकिमों पर सरकार की नजर टेढ़ी नहीं होती। पहले तो ऐसे कई मामले हैं लेकिन ताजा मामला डीजीपी बीएस सिद्धू से जुड़ा हुआ है।

विज्ञापन


अभी तक कोई कार्रवाई शुरु नहीं
डीजीपी के खिलाफ शिकायत करने वाले दरोगा निर्विकार को तो पंद्रह दिन पहले ही सस्पेंड कर दिया गया, लेकिन शिकायतों का जो पुलिंदा दरोगा ने शासन में दिया था उस पर अभी तक कोई कार्रवाई शुरू नहीं हुई।
विज्ञापन


यह तो तब हुआ जब मुख्यमंत्री सार्वजनिक तौर पर कह चुके थे कि डीजीपी पर लगाए गए आरोपों की भी जांच होगी। लेकिन अभी तक कोई शुरूआत नहीं होने से सरकार की मंशा पर भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दरोगा छोटा अफसर था तो नप गया, लेकिन सरकार ने उसके द्वारा महकमे के मुखिया बीएस सिद्धू पर लगाए गए गंभीर आरोपों का भी संज्ञान नहीं लिया।

जांच की बात कहकर भूले सीएम
दरोगा को सस्पेंड करने के साथ ही सीएम ने डीजीपी पर लगाए गए आरोपों की जांच की बात भी कही थी। लेकिन सरकार की तरफ से कोई शुरूआत नहीं होना यह दर्शाता है कि यहां बड़े अफसरों के खिलाफ कुछ नहीं होना है।

वर्ना, ऐसा कौन सा कारण है कि अभी तक जांच पड़ताल की कार्यवाही शुरू नहीं हुई।

दरोगा के निलंबन को लेकर पुलिस महकमे में निचले स्तर पर फोर्स में रोष है, लेकिन अनुशासन की दुहाई के चलते कोई बोलने को तैयार नहीं है।

उधर, आप पार्टी के नेता भी कई बार मिलकर राज्यपाल व सरकार को ज्ञापन सौंप चुकेहैं कि डीजीपी केखिलाफ कार्रवाई हो लेकिन सरकार ने कान नहीं दिया।

दरोगा को सस्पेंड करने और डीजीपी के मुद्दे पर चुप रहने से सरकार की नीयत पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शासन को तीन जुलाई का इंतजार
विगत 28 मई को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में डीजीपी बीएस सिद्धू से जुड़े पेड़ काटने वाले मामले की सुनवाई थी, लेकिन डीजीपी के वकील के अस्वस्थ होने के कारण यह सुनवाई अब तीन जुलाई को होगी।

माना तो यह जा रहा था कि इस बार फैसला हो जाएगा, लेकिन अब शासन समेत सभी पक्षों की नजर आगामी तीन जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed