{"_id":"671c19e0632af3895405a0d4","slug":"demonstration-of-employees-regarding-dakpathar-assets-vikas-nagar-news-c-5-1-drn1045-533620-2024-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: डाकपत्थर की परिसंपत्तियों को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: डाकपत्थर की परिसंपत्तियों को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड विद्युत अधिकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले एकत्रित हुए कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा डाकपत्थर मुख्यालय से संबंधित परियोजनाओं की परिसंपत्तियों को दूसरे निगम, विभाग या अन्य योजनाओं के लिए प्रयोग करना गलत है। उन्होंने कहा कर्मचारी किसी भी ऐसी कार्रवाई का विरोध करेंगे।
कर्मचारियों ने कहा डाकपत्थर मुख्यालय से संबंधित परियोजनाओं की भूमि जल विद्युत निगम व क्षेत्र में बन रही दूसरी कई परियोजनाओं के लिए आवश्यकता के अनुरूप उपयोग में लाई जा रही है। क्षेत्र में पहले से बने जल विद्युत गृहों की भविष्य की आवश्यकताओं के लिए रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा परिसंपत्तियों को लेकर बन रहे नए मास्टर प्लान या फिर परिसंपत्तियों को अन्य किसी दूसरे उपयोग के लिए देने का कर्मचारी विरोध करेंगे।
इसी क्रम में कुल्हाल, ढालीपुर, ढकरानी, खोदरी, छिबरौऊ, लखवाड़, व्यासी, हनोल, त्यूणी आदि परियोजनाओं के कर्मचारियों ने गेट मीटिंग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा इस मामले को लेकर छह नवंबर को प्रदेश संगठन की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने वालों में बीएम तिवारी, कलम सिंह चौहान, राम सिंह, स्वतंत्र कुमार, उदयंत चौहान, संजय राणा, आशीष राणा, भगत रावत आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने कहा डाकपत्थर मुख्यालय से संबंधित परियोजनाओं की भूमि जल विद्युत निगम व क्षेत्र में बन रही दूसरी कई परियोजनाओं के लिए आवश्यकता के अनुरूप उपयोग में लाई जा रही है। क्षेत्र में पहले से बने जल विद्युत गृहों की भविष्य की आवश्यकताओं के लिए रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा परिसंपत्तियों को लेकर बन रहे नए मास्टर प्लान या फिर परिसंपत्तियों को अन्य किसी दूसरे उपयोग के लिए देने का कर्मचारी विरोध करेंगे।
विज्ञापन
इसी क्रम में कुल्हाल, ढालीपुर, ढकरानी, खोदरी, छिबरौऊ, लखवाड़, व्यासी, हनोल, त्यूणी आदि परियोजनाओं के कर्मचारियों ने गेट मीटिंग करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा इस मामले को लेकर छह नवंबर को प्रदेश संगठन की बैठक बुलाकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
विज्ञापन
प्रदर्शन करने वालों में बीएम तिवारी, कलम सिंह चौहान, राम सिंह, स्वतंत्र कुमार, उदयंत चौहान, संजय राणा, आशीष राणा, भगत रावत आदि शामिल रहे।