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Dehradun News: तेज आवाज वाले पटाखों पर रोक की मांग

Wed, 30 Oct 2024 01:11 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 30 Oct 2024 01:11 AM IST
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Demanded to provide relief to senior citizens by taking
संयुक्त नागरिक ने दीपावली पर केमिकल युक्त पटाखों से होने वाली असहनीय ध्वनि तथा वायु प्रदूषण पर कठोर नियंत्रण के लिए तत्काल कदम उठाकर वरिष्ठ नागरिकों को राहत दिलाने की मांग की। राज्यपाल, मुख्यसचिव, सचिव प्रदूषण नियंत्रण कंट्रोल बोर्ड को भेजे गए पत्र में कहा गया है की दीपावली पर खुशियों को अभिव्यक्त करने के लिए तेज आवाज वाले पटाखों से आतिशबाजी शामिल होती हैं, लेकिन इन कृत्यों से यदि बीमार, असहाय, वृद्धजनों, वरिष्ठ नागरिकों को सांस लेने में कठिनाई, मानसिक शारीरिक आघात फिर इस तरह की आतिशबाजी का क्या फायदा? सचिव सुशील त्यागी केमिकल युक्त पटाखों के निर्माण, स्टोरेज, बिक्री और प्रयोग पर सख्ती से नियंत्रण की मांग की है।
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Iश्री महंत इंदिरेश अस्पताल में मनाया दीपोत्सवI



श्री महंत इंदिरेश अस्पताल में दीपोत्सव कार्यक्रम धूमधाम से मनाया गया। अस्पताल के स्टाफ ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। मंगलवार को दीपोत्सव का शुभारंभ गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के प्राचार्य डाॅ. अशोक नायक, अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाॅ. उत्कर्ष शर्मा आदि ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अस्पताल परिसर में एसजीआरआर स्कूल ऑफ नर्सिंग की छात्राओं की ओर से बनाई गई मनमोहक रंगोली सेल्फी प्वाइंट का आकर्षक केंद्र रही। अस्पताल के चेयरमैन श्री महंत देवेंद्र दास महाराज ने सभी डाॅक्टरों एवं स्टाफ सदस्यों को प्रकाश पर्व दीपावली की शुभकामनाएं दी।
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Iदून अस्पताल में किया गर्भवती का सफल ऑपरेशनI

सहारनपुर की रहने वाली 28 साल की महिला फातिमा को सांस लेनी दिक्कत थी। गर्भवती फातिमा का परिजनों ने जांच कराई तो पता चला कि फेफड़ों में पानी भर गया है और उसके दिली की एक वॉल्व में सिकुड़न है। इसके वह दून अस्पताल की कार्डियोलॉजी ओपीडी में पहुंची। जहां पर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय ने प्रारंभिक जांच कर कर उसके इलाज का आश्वासन दिया। इसके बाद प्राचार्य के अनुमोदन के बाद उसकी निशुल्क सफल सर्जरी की गई। इलाज के बाद गर्भस्थ शिशु और माता स्वस्थ है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अमर उपाध्याय ने बताया कि महिला को सिव्यर माइट्रल स्टेनोसिस बीमारी थी जिसका बलून माइट्रल बालवोटोमी विधि से इलाज किया गया।
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