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Dehradun News: सीएचसी चकराता में सुविधाओं के लिए लामबंद होंगे लोग
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I- तीन दिसंबर को चकराता में करेंगे धरना-प्रदर्शनI
सीएचसी चकराता में ऑपरेशन थिएटर समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग के लिए क्षेत्रीय लोग आगामी तीन दिसंबर को शहीद केसरी चंद स्मारक चौक चकराता में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे। तहसील प्रशासन के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजेंगे। ग्राम पंचायत इंद्रोली के पूर्व प्रधान केशर सिंह चौहान की अगुवाई में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
केशर सिंह ने बताया कि केंद्र में ऑपरेशन थिएटर नहीं है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं है। महिला, हड्डी और बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। धरने में क्षेत्र के सभी सदर स्याणा और जनप्रतिनिधियों से शामिल होने की अपील की गई है। अस्पताल से उपलगांव, सैली, द्वार, मोहना, बिशलाड़, ऊपरली अठगांव, बनगांव, कैलो, मशक, तपलाड़, बोंदूर समेत एक दर्जन से अधिक खत के 100 से अधिक गांव जुड़े है।
अस्पताल में मात्र खांसी, बुखार, जुकाम की दवा ही मिल पाती है। गंभीर बीमार होने पर लोगों को 50-70 किमी दूर उप जिला अस्पताल विकासनगर जाना पड़ता है। राज्य गठन के 23 साल बाद भी जनजातीय क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। उन्होंने कहा धरने के उपरांत यदि जल्द सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन के लिए विवश होगी।
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सीएचसी चकराता में ऑपरेशन थिएटर समेत अन्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग के लिए क्षेत्रीय लोग आगामी तीन दिसंबर को शहीद केसरी चंद स्मारक चौक चकराता में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन करेंगे। तहसील प्रशासन के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजेंगे। ग्राम पंचायत इंद्रोली के पूर्व प्रधान केशर सिंह चौहान की अगुवाई में धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
केशर सिंह ने बताया कि केंद्र में ऑपरेशन थिएटर नहीं है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी नहीं है। महिला, हड्डी और बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। धरने में क्षेत्र के सभी सदर स्याणा और जनप्रतिनिधियों से शामिल होने की अपील की गई है। अस्पताल से उपलगांव, सैली, द्वार, मोहना, बिशलाड़, ऊपरली अठगांव, बनगांव, कैलो, मशक, तपलाड़, बोंदूर समेत एक दर्जन से अधिक खत के 100 से अधिक गांव जुड़े है।
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अस्पताल में मात्र खांसी, बुखार, जुकाम की दवा ही मिल पाती है। गंभीर बीमार होने पर लोगों को 50-70 किमी दूर उप जिला अस्पताल विकासनगर जाना पड़ता है। राज्य गठन के 23 साल बाद भी जनजातीय क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। उन्होंने कहा धरने के उपरांत यदि जल्द सुविधाएं नहीं बढ़ाई गई तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन के लिए विवश होगी।
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