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महंगाई व रात्रि भत्ता देने की उठाई मांग
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महंगाई भत्ते की किश्तों का एरियर के रूप में भुगतान करने, नई पेंशन स्कीम को बंद करके पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किए जाने व रात्रि भत्ते पर लागू रोक को तत्काल प्रभाव से हटाने जैसी 16 सूत्री मांगों को लेकर यूआरएमयू संगठन ने रेलवे स्टेशन पर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
संगठन ने ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों का स्वामित्व निजी कंपनियों के सौंपे जाने का पुरजोर विरोध किया। चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय ने निजीकरण और निगमीकरण की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद नहीं किया तो पूरे देश में आंदोलन शुरू किया जाएगा। पदाधिकारियों ने ट्रैकमैन के लिए पदोन्नति के अवसर सबके लिए खोले जाने, रेलवे के विभिन्न विभागों में खाली पदों पर नए सिरे से नियुक्तियां करने, कार्यभार बढ़ाने पर अतिरिक्त पदों का सृजन किए जाने, एसीपी तथा अन्य पदोन्नति के लिए बनने वाले वार्षिक कैलेंडर को सख्ती से लागू किए जाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई।
इसके अलावा रेलवे में ठेकेदारी पर रोक लगाने की भी मांग की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार जो नीतियां लागू कर रही है, उससे रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन में अध्यक्ष चौधरी विक्रम सिंह, सचिव अरुण कुमार पासवान, राहुल खेड़ा, विनोद सिंह रावत, दीपक चतुर्वेदी, एसके राय शामिल रहे।
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संगठन ने ट्रेनों का संचालन, स्टेशनों का स्वामित्व निजी कंपनियों के सौंपे जाने का पुरजोर विरोध किया। चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय ने निजीकरण और निगमीकरण की व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से बंद नहीं किया तो पूरे देश में आंदोलन शुरू किया जाएगा। पदाधिकारियों ने ट्रैकमैन के लिए पदोन्नति के अवसर सबके लिए खोले जाने, रेलवे के विभिन्न विभागों में खाली पदों पर नए सिरे से नियुक्तियां करने, कार्यभार बढ़ाने पर अतिरिक्त पदों का सृजन किए जाने, एसीपी तथा अन्य पदोन्नति के लिए बनने वाले वार्षिक कैलेंडर को सख्ती से लागू किए जाने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई।
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इसके अलावा रेलवे में ठेकेदारी पर रोक लगाने की भी मांग की। वक्ताओं ने कहा कि सरकार जो नीतियां लागू कर रही है, उससे रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है। धरना प्रदर्शन में अध्यक्ष चौधरी विक्रम सिंह, सचिव अरुण कुमार पासवान, राहुल खेड़ा, विनोद सिंह रावत, दीपक चतुर्वेदी, एसके राय शामिल रहे।
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