उत्तराखंड: भाजपा नेता के भाई की फैक्टरी में विजिलेंस टीम का छापा, मिली नकली दवाओं की बड़ी खेप
- दिल्ली विजिलेंस और स्थानीय ड्रग विभाग की टीम ने छापा मारकर किया भंडाफोड़
- कई नामी कंपनियों की दवाओं के रैपर बरामद, कार्रवाई से पहले ही सभी लोग फरार
- करीब 25 लाख की 50 पेटियां नकली दवाइयां बरामद, मुकदमे की चल रही कार्रवाई
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उत्तराखंड के रुड़की में दिल्ली से आई विजिलेंस और स्थानीय ड्रग विभाग की टीम ने चुड़ियाला में भाजपा नेता के भाई की नकली दवाई बनाने की फैक्टरी का भंडाफोड़ किया है। टीम ने उनके घेर (पशुशाला) से 50 पेटी नकली दवाएं और कई नामी कंपनियों के रैपर बरामद किए हैं।
साथ ही चार मशीनों को कब्जे में लेकर दवाओं को सील कर दिया है। टीम दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने की तैयारी कर रही है। वहीं, छापे की भनक लगते ही फैक्टरी से सभी लोग फरार हो गए।
स्थानीय भाजपा नेता एवं जनप्रतिनिधि के भाई ने सहारनपुर और फिरोजाबाद निवासी दो युवकों के साथ पार्टनरशिप में गांव में ही दवा कंपनी खोल रखी है। दिल्ली विजिलेंस टीम के अधिकारी एसडी शर्मा ने बताया कि पिछले दिनों नामी कंपनियों के अधिकारियों ने शिकायत की थी कि उनके नाम से भगवानपुर में नकली दवाएं बनाई जा रही हैं।
नामी कंपनियों के रैपर मिले
शिकायत पर दिल्ली विजलेंस के इंस्पेक्टर मानवेंद्र राणा की टीम क्षेत्र में नजर रख रही थी। सोमवार को पता चला कि क्षेत्र में नकली दवाएं बनाई जा रही हैं। भगवानपुर पुलिस को साथ लेकर टीम ने भाजपा नेता के भाई के घेर में छापा मारा तो दवा बनाने वाली तीन मशीनें मिलीं।
इतना ही नहीं घेर में एक गोदाम से बड़ी संख्या में नामी कंपनियों की दवाएं, रैपर और लेबल भी बरामद हुए। उन्होंने बताया कि लेबल और रैपर पर एलकेएम, टोरेंट और सिप्ला समेत अन्य कंपनियों के नाम लिखे हुए थे।
उन्होंने बताया कि गोदाम से नामी कंपनियों के नाम से बनी विटामिन और कैल्सियम टैबलेट बरामद हुईं। इसके अलावा भगवानपुर क्षेत्र के रायपुर से भी एक मकान से दवा बनाने वाली मशीन मिली है।
दवाओं और मशीनों को सील किया
पता किया जा रहा है कि यह मशीन किसकी है। उन्होंने बताया कि सभी दवाओं और मशीनों को सील कर भगवानपुर थाने में रखवा दिया गया है। दवाओं के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। साथ ही मामले में पुलिस को तहरीर भी दी जा रही है।
मौके पर फूड प्रोडक्ट का लाइसेंस मिला, जो एक्सपायर हो चुका है। इस लाइसेंस पर ये लोग दवा नहीं बना सकते हैं। तीनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
-मानवेंद्र राणा, विजिलेंस इंस्पेक्टर