'गंगा में फिसली युवती, देखती रही पुलिस'
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ऋषिकेश में गंगा के किनारे फोटो खिंचवाने के दौरान पैर फिसलने से तेज बहाव की चपेट में आकर एक युवती डूबने लगी।
बचाने के प्रयास में बहन और भाई भी बहने लगे। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर स्थानीय युवक और कांवड़ियों ने जान पर खेलते हुए तीनों को बाहर निकाला। तीनों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सोमवार दोपहर हरीश सेठी निवासी सागरपुर, नई दिल्ली परिवार के साथ घूमने स्वर्गाश्रम क्षेत्र आए।
इस दौरान नाव घाट पर उनकी बड़ी बेटी प्रीति शर्मा (26) घाट के किनारे खड़े होकर फोटो खिंचवाने लगी, तभी उसका पांव फिसला और वह तेज धारा में बहने लगी।
बचाने के लिए भाई-बहन कूदे
यह देख उसकी बहन सिमरन (16) और चचेरा भाई जतिन (20) उसे बचाने के लिए धारा में उतर गए। मगर बहाव तेज होने से वे भी डूबने लगे।
परिजनों ने मदद के लिए शोर मचाना शुरू कर दिया। घाट पर मौजूद स्थानीय युवक छोटे लाल और कुछ कांवड़िये नदी में कूद पड़े। करीब आठ सौ मीटर दूर लक्ष्मीनारायण घाट पर तीनों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
तमाशबीन बनी रही पुलिस
ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हरीश सेठी ने आरोप लगाया कि तीनों को डूबता देखकर उन्होंने घाट पर मौजूद महिला और पुरुष कांस्टेबल से मदद की गुहार लगाई, लेकिन मदद के बजाय वे जेब में हाथ डाले खड़े रहे।
इसी दौरान छोटे लाल और कांवड़िये फरिश्ता बनकर आए और बच्चों को जान पर खेलकर बचा लिया। हरीश सेठी ने बताया कि सूचना के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। बाद में जल पुलिस के जवान तीनों को बाइक पर बिठाकर अस्पताल पहुंचे।