भोलेनाथ ने मेरे भाई को जेल से छुड़ाया, पढ़ें दिल्ली की इस लड़की की कहानी...
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दिल्ली की एक युवती ने बताया कि उसने मन्नत मांगी थी कि उसका भाई जेल से छूट जाए। ऐसा हो गया। इसलिए कांवड़ लेकर पहुंची हूं। पढ़ें, इस बहन की पूरी कहानी...
यह कहना है आनंदविहार दिल्ली निवासी निशा का। निशा कहती हैं कि मारपीट के मामले में पुलिस ने उसे झूठा फंसाकर जेल भेज दिया था।
उस दौरान मैने मन्नत मांगी थी कि भाई बरी होगा तो कांवड़ लेकर जाऊंगी। भोलेनाथ ने भाई को बरी कर दिया इसलिए पहली बार कांवड़ लेकर आई हूं और हरिद्वार से जलभरकर वापस दिल्ली में भोलेनाथ का जलाभिषेक करना है।
पति की कावंड लेकर हर साल आने वाली संतोष की कहानी...
दिल्ली गोकुलपुर से आई संतोष शर्मा का कहना है कि पति सरकारी सेवा में चतुर्थ श्रेणी कर्मी था, जो पहले से ही कांवड़ लेकर हरिद्वार आता था।
इसी दौरान 2005 में नौकरी छूटने पर वह विचलित हो चुका। इसके बाद मैं कांवड़ लेकर हरिद्वार आई थी, जिसके बाद पति को दुबारा कोर्ट के आदेश पर नौकरी मिली, लेकिन लंबे समय तक पति का साथ नहीं रहा।
दो साल बाद 2007 में उनकी मौत हो गई। इसके बाद से पति की कांवड़ लेकर मैं हर साल हरिद्वार आती हूं। जब तक जीवन है भोले की सेवा करती रहूंगी।