दिल्ली-दून एक्सप्रेस-वे: ट्रायल सफल...एलिवेटेड रोड शुरू होने के तुरंत बाद बंद नहीं होगा पुराना मार्ग
एलिवेटेड रोड के शुरू होने के बाद तुरंत पुराने मार्ग को बंद नहीं किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर संचालन पूरी तरह शुरू होने के बाद पुराने मार्ग को बंद किया जाएगा।
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दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस-वे पर आशारोड़ी से गणेशपुर के बीच बने एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। एक सप्ताह से इस पर चल रहा वाहन संचालन का ट्रायल भी सफल रहा है। एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहन चलाने को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई जा रही हैं। एनएचएआई ने साफ किया है कि एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहनों का संचालन किया जाएगा।
उधर, एलिवेटेड रोड के शुरू होने के बाद तुरंत पुराने मार्ग को बंद नहीं किया जाएगा। एक्सप्रेस-वे पर संचालन पूरी तरह शुरू होने के बाद पुराने मार्ग को बंद किया जाएगा। यह मार्ग वन विभाग के सुपुर्द कर दिया जाएगा, जो बाद में जंगल में तब्दील होगा। आंशिक रूप से एक्सप्रेस-वे के चालू होने पर करीब एक घंटा बचेगा। राजाजी टाइगर रिजर्व और शिवालिक वन प्रभाग के जंगल के बीच से गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे पर पिछले एक सप्ताह से ट्रायल चल रहा है। वाहन चालकों में इसे लेकर काफी उत्साह है। अभी फिनिशिंग का कार्य किया जा रहा है। दिसंबर 2024 में इसे आमजन के लिए खोल दिया जाएगा। इस पर दोपहिया वाहन चालकों के लिए किसी तरह की पाबंदी नहीं होगी।
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पहले और आखिरी दोनों चरणों में बचेगा समय
अभी गणेशपुर से बागपत के ईस्टर्न पेरीफेरल तक निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन पहला और अंतिम चरण बनकर तैयार है। इससे भी वाहन चालकों को राहत मिलनी शुरू हो जाएगी। आशारोड़ी से गणेशपुर जाने में अभी करीब एक घंटा लगता है, यह सफर मात्र 15 मिनट का रह जाएगा। वहीं, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) से अक्षरधाम तक घनी बस्ती के बीच 32 किलोमीटर का सफर तय करने में भी एक घंटे से अधिक का समय लगता है। अब 19 किलोमीटर एलिवेटेड व एक्सप्रेस-वे के जरिए वाहन चालकों को मात्र 30 से 35 मिनट लगेंगे।
उधर पेरीफेरल तक, इधर आशारोड़ी तक काम पूरा
210 किलोमीटर लंबे इस ग्रीन फील्ड कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे का पहला चरण दिल्ली में अक्षरधाम मंदिर और उप्र के बागपत को जोड़ता है, जो लगभग 32 किलोमीटर लंबा है। वहीं, आखिरी चरण उप्र के गणेशपुर से देहरादून के आशारोड़ी तक बनाया गया है। इन दोनों चरणों में काम पूरा किया जा चुका है। इस पर हल्के वाहनों के लिए 100 किमी प्रति घंटे की गति सीमा तय की गई है।
वाया मेरठ जाएं या सहारनपुर, मिलेगा एंट्री-एग्जिट प्वाइंट
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि दिल्ली जाने के लिए वाया मेरठ होकर जाएं या दिल्ली यमुनोत्री हाईवे के जरिए सहारनपुर-शामली-बागपत होकर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर पहुंचे, सभी जगह से इस एक्सप्रेस वे को जोड़ा गया है। एक्सप्रस-वे की कुल लंबाई 213 किलोमीटर है। इसे 11 पैकेज में बनाया जा रहा है।
पहला चरण -अक्षरधाम-दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा
दूसरा चरण- ईपीई क्रॉसिंग-सहारनपुर बाईपास
तीसरा चरण - सहारनपुर बाईपास-गणेशपुर
चौथा चरण -गणेशपुर-देहरादून
एक्सप्रेस-वे की खास बातें
- परियोजना में कुल 29 किमी लंबा एलिवेटेड रोड होगा
- एक्सप्रेस वे में दिल्ली से देहरादून के बीच पांच रेलवे ओवरब्रिज
- परियोजना में 110 वाहन अंडरपास बनाए जा रहे हैं
- स्थानीय लोगों की सुविधा के लिए 76 किमी सर्विस रोड बन रहा
- विभिन्न हाईवे को कनेक्ट करने के लिए 16 एग्जिट-एंट्री प्वाइंट बनाए जा रहे हैं
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