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विश्व पुस्तक मेले में दिखेगी 'उत्तराखंड आपदा'
अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 17 Feb 2014 11:54 PM IST
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दिल्ली में आयोजित हो रहे विश्व पुस्तक मेले में दून का जिक्र छाया रहेगा। हाल ही में पद्म भूषण से सम्मानित दून के प्यारे रस्किन बांड विश्व पुस्तक मेले में बतौर विशेष अतिथि आमंत्रित हैं।
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वहां उनकी कलम से रचा गया बाल साहित्य सभी के आकर्षण का केंद्र रहेगा। ‘स्कूल डेज’, ‘ए टाउन काल्ड देहरा’, ‘ए रूम आन द रूफ’, ‘द लास्ट रूबी’, ‘एनिमल स्टोरी’ जैसी उनकी रचनाएं बच्चों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं।
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रस्किन की कई किताबों को पाठकों तक पहुंचा चुके नटराज बुक पब्लिशर्स के उपेंद्र भी उनके साथ दिल्ली में हैं। बकौल उपेंद्र हमेशा की तरह रस्किन बांड की किताबें बच्चों को बहुत भा रही हैं। यह मेला नौ दिन चलेगा।
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उत्तराखंड आपदा पर भी कई किताबें
विश्व पुस्तक मेले में उत्तराखंड में आई आपदा का दर्द भी दिखेगा। इससे जुड़ी कई किताबें मेले में प्रदर्शित की जाएंगी। अमर उजाला के वरिष्ठ पत्रकार वेद विलास उनियाल की ‘देखी पीर पहाड़ की’, धीरेंद्र नाथ पांडेय की ‘आपदा का कफन’ इन्हीं में शामिल हैं।
वेद विलास उनियाल ने जहां आपदा के दौरान गांव-गांव घूमकर वहां प्रकृति की विभीषिका और मानव विवशता की आंखों देखी को कागजों पर उतारा है, वहीं धीरेंद्र नाथ पांडेय ने आपदा की वजहों को लेकर एक विश्लेषण के साथ ही कथा के माध्यम से आपदा के पश्चात लगाए गए शिविरों की हकीकत को बयां किया है। मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान लगाए गए शिविरों के शरणार्थियों का दर्द भी उनकी किताब में झलका है।