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फुटबॉल की नर्सरी ‘बीमार’ गुजर रहा संक्रमण के दौर से
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 12 Mar 2016 09:54 AM IST
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फुटबाल
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देश में फुटबाल की नर्सरी माना जाने वाला देहरादून अपने स्वर्णिम काल से संक्रमण काल के दौर से गुजर रहा है। पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी इसके पीछे कई वजह मानते हैं।
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पहली वजह 1980 के बाद आर्मी का ट्रेनिंग सेंटर शिफ्ट होना, दूसरी वजह स्पोर्ट्स कोटे से होने वाली स्पेशल भर्ती में भारी कमी आना। इसके अलावा तीसरी वजह फुटबाल में प्रायोजकों और मीडिया की ओर कवरेज कम देने से भी युवाओं का क्रेज इस गेम के प्रति घटा है।
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एक दौर ऐसा था जब गांधी पार्क के पेड़ों से लटक-लटक कर लोग पवेलियन ग्राउंड में हो रहे मैच देखते थे, जबकि अब यहां इतनी भीड़ नहीं जुटती। पहले टिकट विंडो से टिकट बेची जाती थी, जिसकी गवाही पवेलियन में मौजूद टिकट विंडो देती है।
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दून में भी फुटबॉल की बेल लहला सकती है:
पूर्व अंतर्राष्ट्रीय फुटबालर सीबी थापा के अनुसार क्रिकेट को इतनी प्रसिद्धि मीडिया के जरिए ही मिली है। ऐसे में अगर फुटबाल को भी ऐसा प्रचार-प्रसार मिले तो देश के साथ दून में भी फुटबाल की बेल लहलहाने लगेगी।
वयोवृद्ध पूर्व डीएफए अध्यक्ष गुरचरण सिंह के अनुसार 1980 के दौर में कोलकता की मोह्मडन स्पोर्टिंग, मफतलाल क्लब, ईस्ट बंगाल क्लब, एसबीआई चेन्नई, बीआरसी दानापुर, पंजाब रेजीमेंट सहित देश के कई नामी-गिरामी क्लब की टीमें दून में खेलने आती थीं। उन्होंने बताया कि 1984 में संतोष ट्राफी के एक कलस्टर के मुकाबले दून के पवेलियन में ही खेले गए थे।
वहीं लाला दर्शनला मेमो, महंत लक्ष्मण दास मेमोरियल, डॉ. सोम मेमोरियल, नगरपालिका, नादर्न रेलवे, हरियाणा, यूपी, जे एंडे के आदि की टीमें यहां प्रतिभाग करने पहुंचती थी।
दून में खेले गए फुटबॉल मैच:
बहुत कम ही लोगों को मालूम होगा कि टॉमी वॉकर नाम की ब्रिटिश फुटबॉल टीम और सेना की उत्तरी कमान इलेवन के बीच देहरादून में एक फुटबॉल मैच 22 फरवरी 1946 को खेला गया था।
जानकारी के मुताबिक इस मैच में टॉमी वाकर की टीम स्टार फुटबॉल खिलाड़ियों से सजी थी, जिसमें इंटरनेशनल चैम्पियनशिप में स्पर्स, मैनचेस्टर यूनाइटेड, ग्लासगो रेंजर, लिथ एथलेटिक्स, नॉटिंघम फॉरेस्ट समेत इंग्लैंड और स्कॉटलैंड के प्रसिद्ध क्लबों का प्रतिनिधित्व करने वाले फुटबॉल खिलाड़ी शामिल थे।
इसके अलावा 1953 में भारतीय सैन्य अकादमी और मोहन बागान के बीच दून में मैच खेला गया था, जिसमें मोहन बागान ने अकादमी को 4-0 से हराया था।