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Dehradun: उच्च शिक्षा हासिल करने में दून के युवा सबसे आगे, दूसरे नंबर पर नैनीताल, इस जिले की सबसे खराब हालत

Wed, 01 Mar 2023 03:24 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 01 Mar 2023 03:24 PM IST
सार

एसपीआई की रिपोर्ट में उच्च शिक्षा का डाटा जारी हुआ है। उत्तराखंड में उच्च शिक्षा हासिल करने में दून के युवा सबसे आगे हैं। दून के 73.36 फीसदी युवा 12वीं पास करने के बाद उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए डिग्री कॉलेज जा रहे हैं। 

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Dehradun youth are at the forefront in getting higher education Social Progress Index SPI revealed report
पढ़ाई - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

उत्तराखंड में उच्च शिक्षा हासिल करने में दून के युवा सबसे आगे हैं। दून के 73.36 फीसदी युवा 12वीं पास करने के बाद उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए डिग्री कॉलेज जा रहे हैं। सिर्फ 27 फीसदी युवा ही 12वीं के बाद उच्च शिक्षा से दूरी बना रहे हैं।

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उच्च शिक्षा प्राप्त करने में दूसरे नंबर पर नैनीताल है। नैनीताल में 57.30 फीसदी युवा डिग्री कॉलेज जा रहे हैं। वहीं, सबसे ज्यादा खराब हालत रुद्रप्रयाग की है। यहां मात्र 27.07 फीसदी युवा उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए डिग्री कॉलेज जा रहे हैं।
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सामाजिक प्रगति सूचकांक (एसपीआई) की रिपोर्ट में उच्च शिक्षा का यह डाटा जारी हुआ है। उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकारी स्तर पर कॉलेजों और नए पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया रहा है। सरकारी डिग्री कॉलेजों में रोजगारपरक शिक्षा को शुरू कर छात्रों को नए अवसर दिए जा रहे हैं।

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शिक्षा का हब है दून

उत्तराखंड में शिक्षा के मामले में दून हमेशा से आगे रहा है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से यहां पर युवा शिक्षा के लिए आते हैं। यही नहीं आसपास के जिले राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के युवा भी दून में शिक्षा के लिए लगातार आते रहते हैं। शिक्षा के हब के रूप में दून की पहचान है। यही वजह है कि सिर्फ देश से ही नहीं विदेशी छात्र भी शिक्षा के नए अवसर तलाश करते हुए दून पंहुचते हैं।

12वीं के बाद नौकरी पर चले जाते हैं युवा 

अक्सर यह भी देखने को मिलता है कि 12वीं के बाद कुछ युवा पुलिस, सेना या अन्य विभागों में छोटे पदों पर भर्ती होने के लिए चले जाते हैं। ऐसे में उनकी आगे की शिक्षा भी पूरी नहीं हो पाती है। वहीं कुछ युवाओं को परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के चलते 12वीं के बाद प्राइवेट नौकरी करनी पड़ती है। ऐसे में उनकी पढ़ाई भी रुक जाती है।

जिला - उच्च शिक्षा लेने वाले युवाओं का प्रतिशत
अल्मोड़ा - 48.21%
बागेश्वर - 30.82%
चमोली - 35.28%
चंपावत - 43.20%
देहरादून - 73.36%
हरिद्वार - 53.51%
नैनीताल - 57.30%
पौड़ी गढ़वाल - 56.74%
पिथौरागढ़ - 36.79%
रुद्रप्रयाग - 27.07%
टिहरी गढ़वाल - 29.85%
ऊधमसिंह नगर - 42.33%
उत्तरकाशी - 38.48% 

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देहरादून में उच्च शिक्षा पाने के बेहतर अवसर हैं। 10वीं और 12वीं के बाद उच्च शिक्षा के लिए दून के हायर एजुकेशन सेंटर, इंस्टीट्यूट अगर युवाओं को यहीं रोक पा रहे हैं तो यह दून की सफलता है। यहां पर युवाओं को अपना भविष्य बेहतर लग रहा है। दून विश्वविद्यालय भी युवाओं को उच्च शिक्षा में लगातार मदद कर रहा है। - प्रोफेसर सुरेखा डंगवाल, कुलपति, दून विश्वविद्यालय


 

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